पीलीभीत। हरियाणा के रहने वाले सगे चाचा ने शहर के एक युवक से 1200 गज जमीन का सौदा कर 37 लाख रुपये ले लिए। रजिस्ट्री कराने के लिए डेढ साल तक टालमटोल की जाती रही। बाद में आरोपियों ने गुपचुप तरीके से एक अन्य व्यक्ति को एक करोड़ रुपये में जमीन को बेच दिया गया। इसकी जानकारी लगने पर जब पीड़ित ने तकादा किया तो आरोपियों ने चेक से दी गई रकम को लौटा दिया, लेकिन नकद लिए गए साढ़े 14 लाख हड़प लिए। एसपी के आदेश पर सुनगढ़ी पुलिस ने मामले में पिता-पुत्र के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
शहर के मोहल्ला कुंवरगढ़ के निवासी मनोज कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने डेढ़ साल पहले अपने चाचा गुड़गांव (हरियाणा) के सेक्टर 90 थाना क्षेत्र के डीएलएफ न्यू टाउन हाईट्स इलाके के निवासी विशंभर स्वरुप से 1200 गज जमीन का सौदा किया था। 40 लाख रुपये में जमीन देने की बात की गई। डेढ़ साल के भीतर पीड़ित ने कुल 37 लाख रुपये चेक व नकद दे दिए। कई बार जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए कहा गया, लेकिन आरोपी बहाना बनाकर टालमटोल करते रहे। मामला पारिवारिक होने की वजह से पीड़ित ने भी कोई खास दबाव नहीं बनाया। इस बीच मार्च 2019 में आरोप है कि चाचा विशंभर स्वरूप और उनके बेटे विकास सक्सेना ने उनको बेची गई जमीन का सौदा एक अन्य व्यक्ति से कर दिया। उससे एक करोड़ रुपये लेकर जमीन बेच भी दी। 18 मार्च को दूसरे पक्ष के लोग उक्त जमीन की नापजोख कराने पहुंचे तो पीड़ित को खुद के साथ हुई धोखाधड़ी का पता लगा। इसको लेकर उसी समय विरोध किया गया। जिसके बाद आरोपियों ने चेक द्वारा दी गई रकम पीड़ित के खाते में ट्रांसफर कर दी, लेकिन नकद लिए गए साढ़े 14 लाख रुपये नहीं दिए। इसको लेकर शुरुआत में बातचीत के दौरान लौटाने का भरोसा दिलाया, फिर साफ इंकार कर दिया। तकादा करने पर धमकियां दी जाने लगी। इंस्पेक्टर सुनगढ़ी सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि एसपी के आदेश पर मामले की दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।