पीलीभीत। शहर में किराये पर कमरा लेकर रह रही जहानाबाद की युवती के फंदा लगाकर जान देने के मामले में एक माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। परिवार की ओर से दी गई तहरीर पर न तो रिपोर्ट दर्ज की गई, न ही अब तक खुदकुशी के पीछे वजह पुलिस तलाश सकी है। ऐसे में पिता ने कोतवाली पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अब एएसपी से न्याय की गुहार लगाई। एएसपी ने मामले में सीओ सिटी से जांच कराकर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जहानाबाद थाना क्षेत्र के कनाकोर सकतपुर गांव निवासी किसान जितेंद्र पाल सिंह की 22 वर्षीय पुत्री सभ्यता शहर के एकता नगर कॉलोनी में किराये के मकान में रहती थी। वह पीलीभीत के एक प्राइवेट अस्पताल में काम करती थी। एक अप्रैल को उसका शव दुपट्टे से बने फंदे पर लटका मिला था। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लटकने से मौत होना बताया गया। जिसके बाद मामला आत्महत्या का निकला तो पुलिस भी कार्रवाई भूल गई। बुधवार को युवती के पिता जितेंद्र पाल सिंह ने एएसपी से दुखड़ा सुनाया। उन्होंने पहले तो बेटी की हत्या की आशंका जताई। हालांकि एएसपी के पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में जानकारी देने के बाद उन्होंने अब तक खुदकुशी की वजह जानने के लिए कोतवाली पुलिस द्वारा कोई कदम न उठाए जाने पर नाराजगी जताई। मामले की गहनता से जांच कराकर न्याय की गुहार लगाई। यह भी कहा कि घटना के बाद से पुलिस ने सभ्यता का मोबाइल भी परिवार को वापस नहीं दिया है। एएसपी रोहित मिश्र ने बताया कि परिजन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराना चाह रहे हैं, जबकि पोस्टमार्टम में खुदकुशी करने की पुष्टि हो चुकी है। खुुदकुशी की वजह का पता लगाने के लिए सीओ सिटी को मामले की जांच कर कार्रवाई के लिए कहा गया है। इसके अलावा युवती का मोबाइल परिवार को वापस कराया जाएगा। इसके लिए प्रभारी निरीक्षक को निर्देशित कर दिया है।