बरखेड़ा (पीलीभीत)। बीसलपुर-पीलीभीत मार्ग पर ज्योराह कल्यानपुर गांव के पास लोडर और कार की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। जिसमें कार सवार 27 वर्षीय सराफ पवन गंगवार की मौत हो गई, जबकि लोडर सवार भाग गए। मौके पर पहुंची बरखेड़ा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कानूनी कार्रवाई के लिए परिजनों से तहरीर मांगी गई है।
बरखेड़ा थाना क्षेत्र के अधकटा गांव निवासी सराफ पवन गंगवार की दौलतपुर रोड पर बरखेड़ा कस्बे में दुकान है। पीलीभीत के एक निजी अस्पताल में उनकी एक महिला रिश्तेदार भर्ती हैं। शनिवार रात पवन अपने पिता के साथ कस्बा बरखेड़ा में एक बरात में शामिल हुए। इसके बाद पिता को गांव छोड़ दिया और फिर देर रात कार से अकेले अपनी महिला रिश्तेदार को देखने पीलीभीत आ रहे थे। बीसलपुर-पीलीभीत मार्ग पर ज्योराह कल्यानपुर गांव के पास पहुंचते ही सामने से आ रहे लोडर से कार की भिड़ंत हो गई। टक्कर इतना जबरदस्त था कि कार पलट गई। राहगीरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंच गई। कार में फंसे सराफ को बमुश्किल बाहर निकालकर जिला अस्पताल भिजवाया। यहां डॉक्टरों ने पवन को मृत घोषित कर दिया। खबर मिलने पर परिवार वाले भी पहुंच गए। दूसरे दिन रविवार सुबह पुलिस ने जानकारी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इंस्पेक्टर एसके उपाध्याय ने बताया कि दोनों वाहन कब्जे में ले लिए गए हैं। तहरीर मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वरुण गांधी ने परिवार को बंधाया ढांढस
हादसे की खबर मिलने पर रविवार सुबह भाजपा प्रत्याशी वरुण गांधी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिवार वालों से बातचीत कर हादसे की जानकारी की। इसके बाद हरसंभव मदद का भरोसा दिलाते हुए ढांढस भी बंधाया। करीब पांच मिनट तक वरुण जिला अस्पताल में रुककर परिवार से बातचीत करते रहे, फिर काफिले के साथ लौट गए।
परिवार में मचा हाहाकार, सबका रो-रोकर बुरा हाल
सराफ पवन गंगवार दो भाइयों में बड़े थे। उनके पिता नरेंद्र कुमार गंगवार पूर्व प्रधान हैं। एक विवाहित बहन है। अभी दो साल पहले ही पवन की शादी हुई थी। उनके एक साल का बेटा प्रिंस है। शनिवार रात वह पिता के साथ हंसी-खुशी बरात में शामिल हुए। पिता को घर छोड़ने के बाद पीलीभीत के एक निजी अस्पताल में भर्ती रिश्तेदार को देखने के लिए अकेले ही कार से निकले। उनकी हादसे में मौत की खबर पहुंची तो परिवार में चीख पुकार मच गई। पत्नी संजू का रो-रोकर बुरा हाल है। हर कोई गमगीन परिवार को दुखद घड़ी में ढांढस बंधाता रहा।