पीलीभीत। कहते हैं कि पुलिस की सख्ती के बाद यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर शिकंजा कसा जा सकेगा। लोग नियमों का पालन करने के लिए आगे आएंगे। जिससे ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार संभव है। सूबे के मुख्यमंत्री ने भी इसी को देखते हुए पुलिस को यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीरता बरतने के सख्त दिशा निर्देश दिए। अफसोस यह फार्मूला भी शहर की सड़कों पर व्यवस्था की बदहाल तस्वीर को बदलने में नाकायाब साबित रहा। एसपी कलानिधि के निर्देश पर कराई जा रही चेकिंग में अगस्त के 26 दिनों में कार्रवाई का एक बड़ा रिकार्ड तो छुआ लेकिन हकीकत को बदला नहीं जा सका है। पुलिस ने 5017 चालान कर 1095400 रुपये (दस लाख पनचानबे हजार चार सौ रुपये) वसूला है। इसके बावजूद लोगों को नियम पालन के लिए जागरूक नहीं किया जा सका। हालात यह हैं कि सड़कों पर न तो दोपहिया वाहनों पर बिना हेलमेट तीन सवारी का संचालन बंद हुआ न ही चार पहिया वाहनों में ब्लैक फिल्म और सीट बेल्ट का प्रयोग कराया जा सका है। कार्रवाई के नाम पर सिर्फ पुलिस के आंकड़ों में इजाफा हो सका है, नियम पालन कराने की मंशा इस बार भी अधूरी रह गई है।
फोटो खिंचाने तक सीमित जागरूकता के दावे
वैसे तो पुलिस के साथ साथ कभी स्कूल प्रबंधन तो कभी समाजसेवी संस्थाएं आगे आकर नियम पालन को जागरूकता अभियान चलाने का दावा करती हैं। इसको लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। यह सब सिर्फ मीडिया के कैमरों के सामने फोटो खिंचाने तक सीमित रह जाता है। खास बात रही कि जिन लोगों ने नियम पालन को पब्लिक को जागरूक करने का जिम्मा उठाया, चार माह पूर्व पुलिस लाइन में आयोजित किए एक कार्यक्रम के दौरान सम्मान प्राप्त किया। वह खुद भी नियमों की धज्जियां उड़ाने में आगे रहे।
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खुद पुलिसकर्मी नहीं कर रहे नियम का पालन
पिछले दिनों तत्कालीन एसपी देवरंजन वर्मा ने भी इसको लेकर पहल की थी। इसमें कार्रवाई की शुरुआत पुलिसकर्मियों से की गई। पीआरओ से चेकिंग कराकर बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले पुलिसकर्मियों के चालान काटे गए। इसके बाद पुलिसकर्मी हेलमेट पहनना शुरू हो गए थे लेकिन उनके तबादले के बाद दोबारा अनदेखी शुरू हो गई है।
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वकीलों के विरोध का पड़ा असर
एसपी कलानिधि नैथानी के अभियान की शुरुआत तो काफी सख्ती से हुई। पिछले दिनों नकटादाना चौराहा पर एक अधिवक्ता का चालान करने के दौरान हुए विवाद के बाद जजी परिसर में वकीलों के विरोध से मामला पस्त हो गया। अधिवक्ताओं ने बार जजी परिसर में पुलिसकर्मियों की चेकिंग कर चालान किए। जिससे खाकी की काफी फजीहत हुई। इसी के बाद से सड़कों पर भी चेकिंग करने उतरी पुलिस बैकफुट पर आ गई। अभियान औपचारिकता में सिमट कर रह गया।
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अगस्त के 26 दिन में हुई पुलिस कार्रवाई
दिनांक चालान वसूला गया जुर्माना
01/08/2017 114 26,700 (रुपये में)
02/08/2017 30 42,000
03/08/2017 82 71,650
04/08/2017 147 98,550
05/08/2017 405 87,250
06/08/2017 330 80,700
07/08/2017 147 29,400
08/08/2017 316 87,400
09/08/2017 345 64,600
10/08/2017 268 57,000
11/08/2017 79 17,600
12/08/2017 197 43,900
13/08/2017 227 53,500
14/08/2017 213 47,600
15/08/2017 44 9,200
16/08/2017 25 6,500
17/08/2017 107 17,900
18/08/2017 123 28,200
19/08/2017 117 20,100
20/08/2017 157 38,900
21/08/2017 133 31,700
22/08/2017 130 28,000
23/08/2017 98 18,700
24/08/2017 187 40,900
25/08/2017 130 27,900
26/08/2017 114 25,400
पुलिस अपने स्तर से हर संभव प्रयास कर रही है। कही न कहीं जागरूकता की कमी का असर दिखाई दे रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है, जो जारी रहेगी। अगर कहीं कोई चूक मिलती है, तो संबंधित पुलिसकर्मी पर भी कार्रवाई होगी।
- धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी
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वैभव