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पहले सील, फिर डील, बरात घर का निर्माण शुरू

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सील के बावजूद बरातघर में निर्माण जारी - फोटो : अमर उजाला
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पीलीभीत। आवासीय नक्शे पर बारात घर का निर्माण कराने के मामले में जिस बारात घर को सील किया गया था अब जेई से डील हो जाने पर उसमें गुपचुप ढंग से निर्माण शुरू हो गया। चार माह बाद विनियमित क्षेत्र के जेई की जब साठगांठ उजागर हुई है। इसकी शिकायत अफसरों तक पहुंची तो जेई से सवाल-जवाब हुए। मौके पर भेजकर रिपोर्ट मांगी गई। इसमें भी जेई ने सिटी मजिस्ट्रेट को गुमराह करना शुरू कर दिया। कंपाउंडिंग शुल्क जमा होने के आवासीय निर्माण होने की बात कह दी, जबकि मौके पर अभी भी बारात घर ही बनाया जा रहा था। गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने जेई की जमकर फटकार लगाई और कार्रवाई की चेतावनी दी ।
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मामला चार माह पूर्व का है। स्वास्थ्य विभाग के लिपिक नाहिद खान की ओर से सेंट एलायसियस कॉलेज के पास एक जमीन पर निर्माण कराया जा रहा था। इसमें आवासीय नक्शे पर बारात घर बन रहा था। इसकी शिकायत मिलने पर तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. अर्चना द्विवेदी ने छापा मारा और निर्माण रुकवाकर भवन को सील कर दिया था। इसकी कार्यवाही अभी जारी है। अब चार माह बाद इस मामले में एक और गड़बड़ी सामने आई। जिसमें देखरेख की जिम्मेदारी संभालने वाले विनियमित क्षेत्र के जेई का खेल भी उजागर हो गया। लिपिक से साठगांठ कर निर्माण की खुली छूट दे दी गई। अफसरों को भनक न लगे इसलिए बाहर मेनगेट को बंद कर गुपचुप तरीके से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। शुक्रवार को जब सिटी मजिस्ट्रेट ने इसकी भनक लगने पर जेई को भेजा तो उनको काम बंद होने की बात कहकर गुमराह किए जाने की कोशिश की गई। जेई ने बाहर से दरवाजा बंद होने की बात कही। जबकि अंदर निर्माण कार्य चल रहा था। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट का पारा चढ़ गया। जेई की फटकार लगाने के साथ ही उसके खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दे डाली।
तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. अर्चना द्विवेदी ने कंपाउंडिंग शुल्क जमा नहीं होने पर भवन को सील किया था। जिस हिसाब से कपांउंडिंग शुल्क लगाया गया उसे जमा करने के बाद ही काम शुरू कराया गया। अफसरों को इसकी जानकारी दे दी गई थी। नाहिद ,खान, लिपिक, सीएमओ कार्यालय
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स्वास्थ्य विभाग के लिपिक नाहिद खान को नोटिस जारी कर दो दिन में भवन निर्माण संबंधी दस्तावेज दिखाने के लिए कहा गया है। आवासीय नक्शे पर बारात घर का निर्माण कराने का मामला सामने आने पर जेई को मौके पर भेजा गया, लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। निर्माण पुन: शुरू कराने के लिए एनओसी भी नहीं लिए जाने की बात सामने निकलकर आई है। जांच में जेई की मिली भगत उजागर होती है तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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ऋतु पूनिया, सिटी मजिस्ट्रेट
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