पीलीभीत। शिकार के आरोप में अमरिया क्षेत्र से पकड़े गए आरोपियों से एसटीएफ एवं वन विभाग की टीम अभी तक कुछ खास जानकारी हासिल नहीं कर पाई है। रविवार को वन विभाग ने पूर्व में पकड़े गए चार आरोपियों को जेल भेजने की लगभग सभी तैयारियां पूरी कर लीं। वन विभाग की टीम उन्हें सोमवार को कोर्ट में पेश करेगी। जबकि शनिवार की रात उत्तराखंड के रुद्रपुर से पकड़े गए सात आरोपियों से एसटीएफ एवं वन विभाग की टीम अभी भी पूछताछ कर रही है।
अमरिया क्षेत्र में गश्त के दौरान सामाजिक वानिकी और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम ने भरा पचपेड़ा के निकट तंबू लगाकर रह रहे चार संदिग्धों को शुक्रवार शाम को पकड़ा था। चारों को टाइगर रिजर्व प्रशासन के सुपुर्द कर महोफ रेंज में पूछताछ की गई। चारों के मोबाइल और पूछताछ के आधार पर एसटीएफ एवं वन विभाग की टीम ने शनिवार देर रात उत्तराखंड के रुद्रपुर से सात अन्य साथियों को भी हिरासत में लिया था। पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम क्रमश: सिकंदर नाथ, कुलवंत नाथ, अजय नाथ, राजेश नाथ, राजू नाथ, रवि नाथ व अमरीक नाथ बताए हैं। सातों के पास से चार गाड़ियां एवं मोबाइल आदि मिला है। रविवार को पूरे दिन सभी 11 आरोपियों से पूछताछ की गई। दोपहर बाद तक चली इस पूछताछ में एसटीएफ एवं वन विभाग की टीम उनसे कुछ खास जानकारी हासिल नहीं कर सकी। दोपहर बाद डीएफओ के निर्देश पर शुक्रवार को पकड़े गए सभी 11 आरोपियों को जेल भेजने के लिए अभिलेख तैयार किए जाते रहे। वन विभाग की टीम अब उन्हें सोमवार को कोर्ट में पेश करेगी। डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया पकड़े गए आरोपी अमरिया क्षेत्र में घूम रहे बाघ का शिकार करने की नीयत से भरा पचपेड़ा पहुंचे थे। वनकर्मियों की तत्परता के चलते किसी अनहोनी से पहले ही उन्हें पकड़ लिया गया।
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12-13 दिन पूर्व ही जमाया था डेरा
पूछताछ में आरोपियों ने खुद को सपेरा बताया है। महोफ वन क्षेत्राधिकारी वीके गुप्ता के अनुसार सभी ने करीब 12-13 दिन पहले ही भरा पचपेड़ा में डेरा जमाया था। क्षेत्र का अध्ययन करने के बाद वह बाघ के शिकार को अंजाम देने की फिराक में थे।
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जाल मिलने पर गहराया था शक
भरा पचपेड़ा में तंबू डालकर रहे आरोपी गेरुआ कपड़ों में सपेरे के भेष में थे। डेरे पर पहुंचे वनकर्मियों को उन्होंने खुद को सपेरा ही बताया था, लेकिन सामान की तलाशी में वन्यजीवों के पकड़ने के जाल मिलने और गाड़ियों की मौजूदगी से वनकर्मियों का शक गहराया। इस पर उन्होंने सूचना उच्चाधिकारियों को दी जिससे उनकी हकीकत सामने आ सकी।