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संदिग्ध परिस्थितियों में दरोगा की मौत

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पीलीभीत। एंटी हयूमन ट्रैफिकिंग यूनिट में तैनात 58 वर्षीय दरोगा शिवदयाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बृहस्पतिवार सुबह वह अपने कमरे में बेड के पास मिले। उनको परिवारीजन जिला अस्पताल लेकर आए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। आशंका जताई जा रही है कि रात में बेड से गिर कर मौत हुई है। एसपी समेत कई पुलिस अधिकारियों ने परिवारीजनों से बातचीत कर ढांढस बंधाया। जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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मूल रूप से अलीगढ़ के मानपुर निवासी दरोगा शिवदयाल पांच साल से पीलीभीत में तैनात थे। वर्तमान में उनकी तैनाती एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट में चल रही थी। बुधवार रात को परिवारीजनों को उनके बीमार होने की सूचना एक सिपाही ने दी। जिस पर उनके बेटे देवेंद्र और नरेंद्र पीलीभीत के लिए रवाना हो गए। बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे पुलिस लाइन स्थित आवास पर पहुंचे। दरवाजा खोलकर भीतर घुसते ही उन्होंने दरोगा शिवदयाल को बेड के पास घायल हालत में देखा। इसके बाद चीख पुकार मच गई। शेार शराबा सुनकर आरआई घनश्याम सिंह और आसपास रह रहे पुलिसकर्मी आ गए। घायल को इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने शिवदयाल को मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना विभागीय अधिकारियों को मिलते ही महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। एसपी कलानिधि नैथानी, एएसपी रोहित मिश्रा, सीओ कमल सिंह समेत कई अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और परिवारीजनों से बातचीत कर ढांढस बंधाया। पुलिस अधिकारी दरोगा की मौत के पीछे रात में किसी वक्त गिरने से चोटिल होने की आशंका जता रहे है। परिवारीजनों की ओर से भी किसी तरह की आशंका व्यक्त नहीं की गई है। जिसके बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम एसपी कलानिधि नैथानी, एसपी रोहित मिश्रा, सीओ कमल सिंह, योगेंद्र कुमार समेत कई अधिकारियों ने शोक सलामी देकर मृतक को अंतिम विदाई दी। इसके अलावा परिवारीजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
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हाथरस में बनवाए मकान में रहता है परिवार
पिछले दिनों दरोगा शिवदयाल ने हाथरस जनपद के गढ़ी तमना क्षेत्र स्थित न्यू कॉलोनी में मकान बनवा लिया था। वहीं पर उनका परिवार शिफ्ट हो गया। वह यहां अकेले रहते थे। उनके दो अविवाहित बेेटे देवेंद्र और नरेंद्र है। इसके अलावा एक बेटी तरेनू है, जिसकी शादी हो चुकी है। पिता की मौत की सूचना मिलने के बाद से परिवार में कोहराम मच गया है। पत्नी राजेश का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवारीजनों का कहना है कि दरोगा शिवदयाल की अक्सर तबीयत खराब रहती थी।
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हाल ही में रिवर्ट हुए थे शिवदयाल
पांच साल की तैनाती के दौरान शिवदयाल को जनपद में ही निरीक्षक पद पर प्रोन्नति मिली थी। हालांकि बाद में कोर्ट के आदेश के बाद उनको दरोगा पद पर रिवर्ट कर दिया गया। वह काफी लंबे समय से एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट में तैनात थे।
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दरोगा के काफी समय से बीमार होने की बात परिवारीजनों से पता लगी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस दुखद की घड़ी में पूरा पुलिस परिवार पीड़ित परिवारीजनों के साथ हैं।
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- कलानिधि नैथानी, एसपी
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