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बारात में शामिल होने गए चचेरे भाईयों की हरदोई के हादसे में मौत

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बिलसंडा (पीलीभीत)। फुफेरे भाई की बारात में शामिल होने गए मवईया गांव के निवासी चचेरे भाई अजय पाल (17) और मुकेश (18) की हरदोई जिले में हुए हादसे में मौत हो गई। दोनों बाइक से बहन की ससुराल से वापस फुफेरे भाई के घर जा रहे थे। रास्ते में बाइक अनियंत्रित होकर खंभे से टकरा गई। हादसे की सूचना मिलने पर परिवारीजन हरदोई को रवाना हो गए हैं।
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बिलसंडा थाना क्षेत्र के मवईया गांव निवासी किसान मेवाराम का पुत्र अजयपाल (17) अपने चचेरे भाई मुकेश (18) पुत्र धर्मपाल के साथ अपने फुफेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए शनिवार सुबह ट्रेन से शाहबाद (हरदोई) के ग्राम बभुराई गए थे। शनिवार रात को बारात में दोनों लोग शामिल हुए। इसके बाद रविवार सुबह एक रिश्तेदार की बाइक लेकर दोनों बहन उर्मिला की ससुराल खेमपुर गांव पहुंचे। यहां कुछ देर बहन से मुलाकात करने के बाद दोनों दोपहर को वापस फुफेरे भाई के घर बभुराई गांव जाने को निकले। इस बीच रास्ते में शाहबाद और बल्लिया के बीच बाइक के सामने अचानक कुत्ता आ गया। जिसके बाद बाइक अनियंत्रित होकर खंभे से टकरा गई। हादसे में अजयपाल और मुकेश की मौत हो गई। फुफेरे भाई देवव्रत ने इसकी सूचना परिवारीजनों को दी। जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। बेटों की मौत की खबर सुनकर परिवारीजन तत्काल हरदोई के लिए रवाना हो गए। दोनों के शव का पोस्टमार्टम हरदोई पुलिस करा रही है।



जवान बेटों की मौत की खबर सुनकर गश खा गए परिजन
पीलीभीत। रिश्तेदार की शादी में धूम मचाने को हंसी-खुशी घर से निकले अजयपाल और मुकेश की वापसी का इंतजार पूरा परिवार कर रहा था। इस बीच अचानक उनकी हादसे में मौत की खबर मिलने पर परिवारीजनों पर दुखों का पहाड़ टूट गया। जवान बेटों की मौत सुनकर दोनों घरों में चीख पुकार मच गई और गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। हर कोई दुखद पल में परिवारीजनों को ढांढस बंधाने में जुटा रहा।
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मवईया गांव निवासी मेवाराम खेती कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। हादसे में जान गंवाने वाला उनका बेटा अजयपाल चार भाईयों में सबसे बड़ा था। उसके तीन छोटे भाई विजय (15), संजय (12), पृथ्वी (10) है। एक बड़ी बहन कन्या (22) वर्ष है। जिसकी शादी हो चुकी है। अजयपाल मरौरी खास गांव के गुरू तेग बहादुर इंटर कॉलेज में कक्षा 11 का छात्र था। उसकी मौत की खबर मिलने के बाद से मां गंगादेवी का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर मुकेश के पिता धर्मपाल भी खेती करते हैं। वह पांच भाईयों में चौथे नंबर का था। उसके तीन बड़े भाई रमेश (30), सुरेश (25), दिनेश (22) और एक छोटा भाई अनुज (12) हैं। दो बहनें मीरादेवी और उर्मिला हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। दोनों चचेरे भाई रविवार सुबह मुकेश की बहन उर्मिला की ससुराल से लौट रहे थे। मां लज्जावती बेटे की मौत की खबर सुनकर गश खा गईं। परिवार के अधिकांश सदस्य सूचना मिलने के बाद हरदोई को रवाना हो गए हैं। देर शाम तक दोनों के शव गांव पहुंचेंगे।
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