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रगाह में तोड़फोड़ करने वालों पर कसा शिकंजा, भेजा जेल

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पीलीभीत। आस्ताने हशमतिया दरगाह शरीफ में पथराव कर शनिवार रात तोड़फोड़ करने के मामले में पकड़े गए तीनों युवकों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर रविवार को सभी का चालान कर दिया है। दूसरे दिन शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई। इसके अलावा अधिकारी गश्त पर हालात भांपने में जुटे रहे।
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शनिवार देर रात बाइक सवार तीन युवकों ने मोहेा भूरे खां स्थित आस्ताने हशमतिया दरगाह शरीफ में पत्थर फेंक वहां की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिये। भीतर घुसकर कुछ लोगों से हाथापाई करने का भी आरोप लगा। इसके बाद आसपास के सैकड़ों लोग एकत्र हुए और जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ ने दोबारा इस ओर आने पर तीनों बाइक सवार उत्तराखंड उधमसिंह नगर के रुद्रपुर क्षेत्र के जगतपुरा निवासी मालक सिंह पुत्र महेंद्र सिंह, गुरजंट सिंह पुत्र सरनाम सिंह निवासी अशरफ खां (कोतवाली) और माधोटांडा के रमनगरा निवासी हरमीत सिंह को धर दबोचा था। इन्हें पीटने के बाद पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। मामले में एडीएम अजय कांत सैनी, एएसपी रोहित मिश्रा, सीओ सिटी निशांक शर्मा, सीओ पूरनपुर अनुराग दर्शन, कोतवाल देशपाल सिंह, सुनगढ़ी एसएचओ गोपीचंद यादव पुलिस बल के साथ देर रात तक मौके पर लोगों को शांत कराने में जुटे रहे। इसके बाद दरगाह के मुजीब रजा खां की ओर से मिली तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ 153 ए, 336, 307, 427, 323, 504 धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई। भीड़ को सख्त कार्रवाई का आश्वासन देकर शंात कराया। पूरी रात पुलिस अधिकारी शांति बनाए रखने के लिए दौड़भाग करते रहे। इसके बाद रविवार सुबह भी सुरक्षा बंदोबस्त सख्त रखे गए। जिले के आठ एसएचओ को बुलाकर शहर में मुख्य चौराहों और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में तैनात किया गया। अधिकारी राउंड लेकर हालात का जायजा लेने में जुटे रहे। साथ ही अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी गई।
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तो मारपीट के दौरान चल गए थे पत्थर!
पब्लिक के हाथों पकड़े जाने के बाद तीनों आरोपी खुद को बेगुनाह बता रहे थे। उनका कहना था कि वह शराब पीकर गौहनिया चौराहा से घर जा रहे थे। इस बीच जाम लगा रहे लोगों ने उनको बेवजह पकड़कर पीट दिया। दरगाह में तोड़फोड़ की बात उनको पता भी नहीं है। इधर रविवार को आरोपियों से मिलने पहुंचे उनके परिवारीजनों ने घटना को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि दरगाह में शरारत कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश नहीं की गई थी। दरअसल तीनों युवक नशे में आ रहे थे। इस दौरान एक युवक से दरगाह के पास उनका विवाद हो गया। मारपीट के दौरान उक्त युवक दरगाह में घुस गया। नशे की हालत में हुए विवाद में तीनों युवक भी घुस गए। इसी में शीशे टूट गए।
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अफसरों की बढ़ती रही धड़कनें
दरगाह में तोड़फोड़ की बात चंद मिनट में ही पूरे शहर में आग की तरह फैल गई। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का मौके पर पहुंचना शुरू हो गया। वहीं लोगों की भीड़ जुट गई। जिसने केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ का आक्रोश देखते ही अफसरों की धड़कनें तेज हो गई। वह जिम्मेदारों से बातचीत कर मामला शंात कराने में जुगत में देर रात तक लगे रहे। इसके बाद पकड़े गए आरोपियों को कोतवाली रखने के बजाए न्यूरिया में रखा गया। ताकि भीड़ उन पर हमला न कर दे।
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दरगाह व सज्जादानशीं को सुरक्षा देने की मांग
शनिवार रात हुई वारदात के बाद अब आस्ताने हशमतिया दरगाह और सज्जादानशीं मौलाना जरताब रजा खां को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग प्रशासन से की गई है। इसके लिए प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। मुकदमा दर्ज कराने वाले मुजी रजा खां ने बताया कि यह सीधे तौर पर दरगाह पर हमला है। ऐसे में सुरक्षा पर सवाल उठ गए हैं।
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कोतवाल न पहुंचते तो मार देती भीड़
वारदात के बाद भीड़ आक्रोशित थी। इस बीच बाइक से मौके पर पहुंचे तीनों आरोपियों को देख भीड़ ने उनको पहचान लिया और टूट पड़ी। जमीन पर गिराकर पीटना शुरू कर दिया। मौके पर पब्लिक से घटना की जानकारी कर रहे कोतवाल देशपाल सिंह ने किसी तरह पब्लिक के बीच से तीनों आरोपियों को छुड़ाकर जीप में डाला और कोतवाली भेज दिया। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने जीप को रोकने की भी कोशिश की।
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पकड़े गए तीनों आरोपियों को मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया गया है। एहतियातन मुख्य चौराहों एवं मिश्रित आबादी वाले इलाकों में पुलिस बल की तैनाती की गई है। माहौल पूरी तरह से शांत है। पब्लिक अफवाह पर ध्यान न दे, अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
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- निशांक शर्मा, सीओ सिटी
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