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खेत की रखवाली करने गए युवक की धारदार हथियार से काटकर हत्या

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पूरनपुर (पीलीभीत)। खेत की रखवाली करने गए गांव जटपुरा निवासी महेश कश्यप (30) की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। इस घटना की जानकारी सोमवार की सुबह को हुई जब खेत के पास महेश का शव पड़ा मिला। इसकी सूचना मिलने पर एसपी मनोज कुमार सोनकर और एएसपी रोहित मिश्रा ने मौका मुआयना किया। भाई अरविंद ने उसी गांव के रहने वाले मृतक के दोस्त मंगलेश मिश्रा, मिढ़ई कश्यप और उसके पुत्र शैलेंद्र के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मंगलेश सहित दो लोगों को हिरासत में ले लिया है।
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परिवारीजनों के मुताबिक, रविवार रात करीब साढे़ नौ बजे महेश हरीपुर रेंज जंगल से कुछ दूरी पर स्थित अपने खेत की रखवाली करने गए थे। वह उसी गांव निवासी सतेंद्र सिंह की साइकिल मांगकर ले गए थे। सोमवार सुबह उसी गांव के भूपेंद्र सिंह गन्ने छीलने के लिए खेत पर गए तो उन्होंने महेश का क्षत विक्षत हालत में शव पड़ा देखा। उनके सूचना देने पर गांव वालों की भीड़ जमा हो गई। महेश के परिवार वाले भी पहुंच गए। उन्होंने बताया कि महेश की गर्दन और माथे पर धारदार हथियार से बार किया गया था। वहीं कुछ दूरी पर उसका थैला और हंसिया पड़ा था। टार्च उसकी गोट में फंसी थी। इसकी सूचना मिलने पर एसपी मनोज कुमार सोनकर, एएसपी रोहित मिश्र, सीओ कमल सिंह मौके जा पहुंचे। एसपी मनोज सोनकर ने खेत स्वामी मंगलेश मिश्रा और महेश के भाइयों से घटना को लेकर जानकारी की। फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाड और सर्विलांस टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई। महेश के भाई अरविंद की ओर से पुलिस ने गांव निवासी और खेत स्वामी मंगलेश मिश्रा, गांव के ही मिढ़ई लाल, मिढ़ई के पुत्र शैलेंद्र के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने मंगलेश और गांव के एक अन्य युवक को पूछताछ को हिरासत में लिया है। अरविंद कश्यप का आरोप है कि मिढ़ई कश्यप और उसके पुत्र ने चार दिन पहले विवाद होने पर देख लेने की धमकी दी थी। इसको लेकर ही उसकी हत्या की गई है।

कई अन्य बिंदुओं पर जांच में जुटी पुलिस
पूरनपुर। महेश की हत्या में उसके भाई ने गांव निवासी पिता-पुत्र सहित तीन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट तो दर्ज कराई है। मगर मामूली विवाद पर महेश की हत्या क्यों की गई। हत्या में कहीं किसी अन्य का हाथ तो नहीं। इसको लेकर भी जांच को जुट गई हैै।
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महेश पांच भाइयों में घनश्याम, प्रभुदयाल से छोटा और अरविंद, नेतराम से बड़ा था। पांचों भाइयों में घनश्याम की ही शादी हुई। उनके पिता गंगाराम और मां रेशमा देवी की कई साल पहले मौत हो चुकी है। बताया गया है कि नामजद मंगलेश मिश्रा का खेत करीब छह महीने पहले बटाई पर लिया था। मंगलेश और महेश अच्छे मित्र थे। दोनों अक्सर साथ-साथ ही रहते थे। रविवार शाम को महेश ने अपने घर में मछली और शराब की दावत की थी। घनश्याम, महेश और मंगलेश मिश्रा ने एक साथ घर बैठकर खाना खाया और मौज मस्ती की। इसके बाद महेश खेत को चला गया। पुलिस पूछताछ में मंगलेश ने बताया कि रात को वह महेश के साथ खेत न जाकर घर चला गया था। महेश का उसके घर के पड़ोस की एक खाली पड़ी भूमि को लेकर उसकी बिरादरी के लोगों से विवाद चल रहा है। दोनों पक्ष के लोग भूमि पर कब्जा करना चाहते है। महेश की इसके अलावा किसी से रंजिश नहीं थी। वहीं घनश्याम वन विभाग के मुखबिर के रूप चर्चित है। ऐसे में हत्या किसने और क्यों की, पुलिस नामजदगी के अलावा अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है। कोतवाल केशव कुमार तिवारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। हत्या क्यों और किसने की कई विंदुओं पर जांच की जा रही है। जांच के बाद शीघ्र ही घटना का खुलासा किया जाएगा।

कहीं लकड़कट्टों ने तो नहीं कर दी वारदात?
पूरनपुर। महेश जिस खेत की रखवाली करने गए थे। उस खेत के समीप से जंगल होते हुए एक रास्ता गांव को जाता है। चर्चा है कि उस रास्ते से जंगल से चोरी कर लकड़ी काटकर लकड़ कट्टे अक्सर निकलते है। ऐसे में कहीं शराब के नशे में महेश के विरोध करने पर कहीं लकड़कट्टों ने हाथ साफ नहीं कर दिया। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है।

घटना स्थल के समीप रात को जलाई गई थी आग
महेश का शव जिस स्थान पर पड़ा था। उसके समीम गन्ने की पुआल से रात को आग जलाई गई थी। आग की राख रविवारभजनुबह तक ठंडी नहीं हो पाई थी। कहीं हत्या कर हथियार आग की राख में तो हत्यारों ने नहीं छिपा दिया। इसको लेकर पुलिस ने राख की भी तलाशी कराई। शव के समीप पानी की बोतले,ं खाली पॉलीथिन की थैली थी पड़ी थी।

गन्ना के खेत में मिली साइकिल
महेश जसि मचान पर रात को रहता था। उस पर लगी मच्छरदानी और चादर आदि सब ठीक था। उसकी साइकिल समीप के गन्ना के खेत मेें अंदर को मिली। रात को चोरी के भय से महेश साइकिल छिपाकर गन्ना के खेत में खड़ी करता था या फिर हत्यारों ने घटना को अंजाम देकर साइकिल को छिपाकर खड़ा किया।
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