पीलीभीत। मजदूर कमल जोशी के फंदा लगाकर आत्महत्या करने के मामले में दूसरे दिन पुलिस ने सूदखोरों पर कानूनी शिकंजा कसा। कोतवाली पुलिस ने कमल की पत्नी की ओर से दी गई तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या को विवश करने की धाराओं में नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस ने दबिश दी, लेकिन हाथ नहीं आए। पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर जल्द धरपकड़ का भरोसा दिलाया है।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दुबे निवासी 40 वर्षीय मजदूर कमल जोशी ने शुक्रवार शाम को कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी थी। पत्नी मधु ने आत्महत्या करने के पीछे सूदखोरों की ओर से बार-बार प्रताड़ित करने को कारण बताया था। पुलिस को इसकी तहरीर दी गई। जिसमें बताया कि कमल ने मोहल्ले के ही सूदखोर रिंकू दुबे से 40 हजार और मोहल्ला पटेल नगर निवासी धर्मवीर से 50 हजार रुपये ब्याज पर लिए थे। कमल ने दोनों सूदखोरों को ब्याज पर लिए गए रुपयों का करीब तीन गुना वापस भी कर दिया था। बार-बार बकाया निकालकर आरोपी उनके पति को परेशान करते थे। घर बुलाकर मारपीट की जाती थी। बीते तीन दिनों से रोज घर बुलाकर आरोपी मारपीट करने में जुटे थे, जिसको लेकर कमल काफी परेशान हो गए थे। इसी में उन्होंने आत्महत्या कर ली। कोतवाली पुलिस ने दी गई तहरीर के आधार पर धर्मवीर और रिंकू के खिलाफ आत्महत्या को विवश करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। कस्बा इंचार्ज सत्येंद्र कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। दोनों पर कोई ब्याज पर रुपये देने का कोई लाइसेंस नहीं है, सख्त कार्रवाई की जाएगी।