पीलीभीत। किशोरी गीतादेवी की आग से मौत के बाद गहराए ऑनर किलिंग के शक के बाद हिरासत में लिए गए पिता को 48 घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने छोड़ दिया। अब पुलिस को घटना के बाद से लापता मां और भाई के आने का इंतजार है। काफी प्रयासों के बाद भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं लग सकी है।
बरखेड़ा कस्बे के वार्ड नंबर तीन निवासी नेमचंद की 17 वर्षीय पुत्री गीता देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में आग से मौत हो गई थी। इसके बाद पिता ने मात्र तीन लोगों की मौजूदगी में उसका खेत में ही अंतिम संस्कार कर दिया था। मामले में परिवार द्वारा किशोरी की हत्या करने के बाद उसका अंतिम संस्कार गुपचुप तरीक से करने की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंची। पिता को हिरासत में लेकर जांच की गई। इसमें मामला ऑनर किलिंग की ओर इशारा करता दिखा। पुलिस ने 48 घंटे पिता से पूछताछ की, लेकि न पिता अपनी ही बातों में उलझता गया। जिसके बाद शनिवार को उसको परिवार के कुछ लोग बुलाकर छोड़ दिया गया। उधर घटना के बाद से गायब चल रही उसकी मां विमला देवी का भी पता नहीं लग सका है। जबकि उसके पीलीभीत दवा लेने जाने की बात कही गई थी। आखिर वह तीन दिन बाद भी घर क्यों नहीं पहुंची? वह कहां चली गई हैं? इसके अलावा किशोरी के भाई लालता प्रसाद भी नहंी आया है। पिता ने उसके रुद्रपुर में नौकरी करने की बात कही थी।
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मामले की जांच की जा रही है। पूरी जांच ऑनर किलिंग की दिशा में है। पिता को छोड़ दिया गया है। मां का सुराग लगाया जा रहा है। उसके सामने आने पर काफी मदद मिल सकेगी।
रोहित मिश्रा, एएसपी