पीलीभीत। जिले में चल रहे खनन पट्टों के शासन से निरस्त होने की सूचना से शनिवार को खलबली मची रही। हर तरफ शासन स्तर से सख्त कार्रवाई किए जाने का शोर मचा रहा। खनन करने वालों तक भी इसकी सूचना पहुंची। हालांकि देर शाम तक इसकी प्रशासनिक स्तर से कोई पुष्टि न होने पर मामला सिर्फ चर्चाओं तक सीमित रह गया। शासन स्तर से जिले में खनन को लेकर पट्टे किए गए थे। बीते दिनों इनमें अनियमितता भी सामने आई थी। देवहा नदी पर खनन कर रही फर्म पर रॉयल्टी में खेल करने से लेकर नियमों की अनदेखी करने तक के आरोप लगे। इसको लेकर शिकायतें शासन स्तर पर भी गईं। इसके बाद जांच की गई, तो मामला सही भी पाया गया। रॉयल्टी का खेल पकड़े जाने पर फर्म मालिकों की ओर से खुद का बचाव करने को अपने ही कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी। इसके बाद प्रशासन की ओर से फर्म पर मुकदमा दर्ज किया गया। जिनकी जांच अभी चल रही है। इन पर कार्रवाई को लेकर लंबे समय से चर्चा है। इसी बीच शनिवार को तब और मामला गरमा गया, जब इन खनन पट्टों के शासन से निरस्त करने की सूचनाएं फैल गईं। पूरे जिले में हर तरफ इसी का शोर मच गया। शासन की सख्ती का दावा भी किया जाता रहा। पट्टाधारकों तक भी ये चर्चाएं पहुंची, जिससे वह भी काफी असमंजस में फंसे रहे। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई।