पीलीभीत। दस जून को प्रेमी संग गई युवती ने कोर्ट मैरिज कर ली। हाईकोर्ट से आदेश लाने के बाद पुलिस ने उसको बयान से पूर्व मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा तो परिजन भी जिला अस्पताल पहुंच गए और हंगामा कर दिया। पुलिस की मौजूदगी में लड़की को ले जाने की कोशिश की। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने सख्ती कर परिजन को शांत किया। पिता समेत तीन को कोतवाली पुलिस हिरासत ने हिरासत में ले लिया। सीएमओ दफ्तर के पास हुई वारदात से खलबली मच गई।
अमरिया थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने बीते दिनों गांव के ही चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि उनकी नाबालिग बेटी को आरोपी दस जून को फुसलाकर ले गए हैं। पुलिस किशोरी की तलाश कर रही थी। इधर अगवा बताई जा रही किशोरी बालिग निकली और उसने हाईकोर्ट में प्रेमी से शादी कर ली। हाईकोर्ट का आदेश लेकर वह अमरिया थाने पहुंची। जिसके बाद अमरिया पुलिस ने उसको न्यायालय में बयान से पहले सोमवार को जिला अस्पताल मेडिकल परीक्षण के लिए भिजवाया। पीछे से परिवार वाले भी वहां पहुंच गए। पहले युवती को साथ चलने के लिए कहा, लेकिन इंकार करने के बाद उन्होंने हंगामा कर दिया। युवती को लेकर खींचतान शुरू कर दी। महिला सिपाही ने रोका तो उससे भी भिड़ गए। सूचना मिलने पर कोतवाल अजब सिंह, यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंच गई। हंगामा कर रहे परिजन को सख्ती कर शांत कराया। तीन लोगों को हिरासत में भी ले लिया। इसके बाद मामला शांत हो सका। इंस्पेक्टर अमरिया मनीराम सिंह ने बताया कि लड़की के परिजनों की ओर से किया गया हंगामा पूरी तरह से गलत है। वह हाईकोर्ट से आदेश लेकर आई है। उसी के आधार पर उसके बयान कराए जा रहे हैं। परिजन उनको जबरन ले जाने की कोशिश कर रहे थे। उधर, कोतवाल अजब सिंह ने बताया कि हंगामा करने पर तीन लोग हिरासत में लिया गया है। वह लड़की के ही परिवार वाले हैं। उन पर अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।