बीसलपुर। मोहल्ला दुबे निवासी सफाई कर्मी सूरजपाल की शौचालय के टैंक की सफाई के दौरान मौत होने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को दूसरे दिन मकान मालिक पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है। वहीं डीएम ने ईओ को मृतक के एक आश्रित को नगर पालिका परिषद में ठेके पर नौकरी देने का आदेश दिया है।
मोहल्ला दुबे निवासी बालकराम वाल्मीकि ने बताया कि उनका 35 वर्षीय पुत्र सूरजपाल नगर पालिका परिषद में ठेका सफाई कर्मचारी था। वह गुरुवार देर शाम मोहल्ला ग्यासपुर निवासी सरताज के घर शौचालय के टैंक की सफाई करने गया था। सूरजपाल के साथ मोहल्ले के ही राजू, उपेंद्र और विजयपाल भी थे। ये तीनों भी नगर पालिका परिषद में सफाई कर्मचारी हैं। टैंक पर पड़े पटले काफी कमजोर थे, इसके बारे में सरताज ने सफाई कर्मियों को कोई जानकारी नहीं दी। टैंक की गहराई भी 15 फुट के बजाय सिर्फ पांच फुट बताई थी। सूरजपाल टैंक के पटले पर चढ़ा तो पटला टूट गया और सूरजपाल टैंक में गिर गया। बाकी तीनों सफाई कर्मी उसे बचाने टैंक में उतरे तो उनकी भी हालत खराब हो गई। लोगों ने जैसे-तैसे चारों मजदूरों को बाहर निकाला। उन्हें तुरंत ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने सूरजपाल को मृत घोषित कर दिया। बाकी तीनों को भर्ती कर लिया गया।
सूरजपाल के घरवालों का आरोप है जब उन्होंने सरताज और उसके भाई सुहेल से बिना किसी सुरक्षा उपाय के मजदूरों को टैंक में उतारने की शिकायत की तो उन्होंने जातिसूचक अपशब्द कहे। सूरजपाल के भाई विजय कुमार ने कोतवाली में मामले की तहरीर दी। प्रभारी कोतवाल केके सिंह ने बताया कि विजय कुमार की तहरीर पर सरताज और सुहेल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।