पीलीभीत। मजदूर हंसपाल की मौत के बाद हत्या के मुकदमे में कार्रवाई लटक गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा जांच और डॉक्टरों के पैनल की राय के बाद भी मौत की वजह साफ नहीं हो सकी। अब अग्रिम कार्रवाई के लिए पुलिस विधिक राय लेगी। सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के पिपरा वाले नंबर एक गांव निवासी 18 वर्षीय हंसपाल पुत्र दुलीराम का शव पांच मार्च की शाम गांव के ही कुंवरपाल के निर्माणाधीन मकान के बाहर पड़ा मिला था। गांव में मजदूरी करते वक्त करंट लगने से मौत का शोर मचा। परिजन हत्या की आशंका जाहिर करते रहे थे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इसमें न तो मौत की वजह स्पष्ट हुई, न ही करंट के लक्षण मिले। विसरा जांच के लिए सुरक्षित कर दिया था। इधर, लगातार बढ़ते दबाव के बाद पुलिस ने हत्या और एससीएसटी एक्ट की धाराओं में कुंवरपाल समेत पांच के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। विसरा की जांच रिपोर्ट मिलने पर भी मौत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। करंट और जहर से जुड़ी आशंका भी गलत साबित हुई। इस बीच पुलिस ने सीएमओ को पत्र लिखकर पैनल से मजदूर की मौत को लेकर रिपोर्ट मांगी थी। पैनल की रिपोर्ट में भी हत्या की ओर इशारा नहीं हुआ, स्वाभाविक मौत होने का अंदेशा जताया गया। जिसके चलते कार्रवाई अटकी हुई है। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि इस मामले में विधिक राय ली जाएगी। इसके लिए एसपीओ से बात की जा रही है। अफसरों से भी संपर्क किया गया है।