पीलीभीत। निलंबित सफाई कर्मचारी और विकास विभाग के एक लिपिक से रिश्वत मांगने के आरोप में घिरे प्रशासनिक की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मामले की जांच कर रहे एडीएम ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया है। नोटिस जारी कर प्रशासनिक अधिकारी से 15 दिन के भीतर जवाब तलब किया गया है। दोनों शिकायतकर्ताओं के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। पंचायती राज विभाग में तैनात सफाई कर्मी कृष्ण कुमार ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि निलंबन अवधि के दौरान प्रशासनिक अधिकारी रमेश कुमार ने विभागीय कार्यवाही निस्तारित कराने के ऐवज में उससे 25 हजार रुपये वसूल लिए। काम नहीं होने पर रुपये वापसी की नौबत आई तो टालमटोल शुरू कर दी गई। सफाई कर्मी का मानसिक उत्पीड़न किये जाने लगा। इसी तरह शहर के फैजुल्ला खां निवासी शीतल सैनी ने तत्कालीन डीएम से शिकायत की थी। जिसमें विकास विभाग मेें कनिष्ठ लिपिक पद पर तैनात पति संजय कुमार सैनी की बीमारी का हवाला देते हुए लंबित चल रही वेतन वृद्धि और एसपी का लाभ स्वीकृत कराने के ऐवज में प्रशासनिक अधिकारी द्वारा पचास हजार बतौर सुविधा शुल्क लिए जाने की बात कही। महिला के मुताबिक निर्धारित समय में काम नहीं होने पर जब रकम वापस मांगी गई तो प्रशासनिक अधिकारी आज कल की बात कहकर टाल मटोल करते रहे। मामले की शिकायत वरिष्ठ अफसरों से करने पर संजय सैनी को नौकरी से बर्खास्त कराने की धमकी दी गई। दोनों प्रकरणों की जांच डीएम ने एडीएम न्यायिक देवेंद्र प्रताप को दी। एडीएम ने बताया कि दोनों प्रकरण गंभीर है। प्रशासनिक अधिकारी को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा गया है। इधर, सफाई कर्मी और कनिष्ठ सहायक के भी इस मामले में एक सप्ताह के भीतर बयान दर्ज किए जाएंगे।