पीलीभीत। नगर पालिका परिषद के ठेका सफाई कर्मचारी ने कम वेतन मिलने पर शिकायत दर्ज कराई तो उसको नौकरी से ही निकाल दिया गया। कई बार चक्कर लगाने के बाद भी जब समाधान न हुआ तो परेशान होकर उसने जहर खाकर जान दे दी। परिवार वालों ने नगर पालिका के एक लिपिक को उसकी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने परिजनों को जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बेनी चौधरी निवासी 38 वर्षीय इंद्रपाल पुत्र रामचरन नगर पालिका परिषद में ठेका सफाई कर्मचारी थे। पत्नी विमलेश भी छह साल से ठेका सफाईकर्मी हैं। इंद्रपाल को हर माह करीब 5900 रुपये वेतन मिलता था। दस दिन पूर्व मार्च का वेतन उन्हें तीन हजार रुपये दिया गया। कम वेतन मिलने पर जब इंद्रपाल ने नगर पालिका कार्यालय जाकर शिकायत की तो उन्हें गैर हाजिर रहने के कारण वेतन कट जाने की वजह बताई गई। घरवालों का आरोप है कि इंद्रपाल रोज ड्यूटी करते थे। इंद्रपाल ने जब इसकी उच्चाधिकारियों से शिकायत करनी शुरू की तो सात दिन पहले उन्हें काम से हटा दिया गया। इसके बाद से ही वह दुबारा काम पर रखे जाने के लिए नगर पालिका परिषद दफ्तर के चक्कर लगा रहे थे। घरवालों का कहना है कि कोई सुनवाई न हुई तो आहत होकर इंद्रपाल ने बुधवार सुबह जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन जिला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इंद्रपाल की मौत के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों में गुस्से को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ऋतु पूनिया, सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, ईओ निशा मिश्रा, कोतवाल एसके उपाध्याय मौके पर पहुंचे और जानकारी की। इस दौरान परिजनों ने नगर पालिका के लिपिक को इंद्रपाल की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की। पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर ईओ पर भी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। सिटी मजिस्ट्रेट ने मामले में जांच कर सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। जहर खाकर जान देने की बात कही जा रही है। अभी परिजनों से कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। सिर्फ पोस्टमार्टम की मांग करते हुए लिखकर दिया गया है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। - धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सिटी