गजरौला (पीलीभीत)। पांच साल की मासूम से दुष्कर्म की घटना मेडिकल परीक्षण के बाद उलझ गई है। अफसर पहले ही आठ दिन बाद शिकायत को लेकर घटना पर संदेह जताकर पड़ताल कर रहे थे, अब प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में बच्ची से दुष्कर्म की पुष्टि न होने से उलझन और बढ़ गई है। ऐसे में अब अग्रिम कार्रवाई के लिए स्लाइड रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
गजरौला थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने रविवार रात रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी पांच साल की बच्ची आठ जून को घर के बाहर खेल रही थी। इस बीच गांव का 65 वर्षीय वृद्ध उसको फुसलाकर अपने घर ले गया और दुष्कर्म किया। रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर सोमवार को जेल भेज दिया। इधर, आठ दिन बाद शिकायत के सवाल पर बच्ची के पिता ने देरी से घटना का पता लगने और फिर पंचायत होने को कारण बताया था। मंगलवार को बच्ची की प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को मिल गई। इससे मामला और उलझ गया है। रिपोर्ट में बच्ची से दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। जननांग पर कोई चोट का निशान भी नहीं मिला है। ऐसे में अब पुलिस स्लाइड रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रही है। उधर, पूरी घटना को लेकर प्रधान, पीड़ित परिवार और आरोपी पक्ष के बयान भी विरोधाभासी हैं। इससे गुत्थी सुलझती दिखाई नहीं दे रही है। इंस्पेक्टर गजरौला बिरजाराम ने बताया कि बच्ची की मेडिकल परीक्षण की प्रारंभिक रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं है। अभी स्लाइड रिपोर्ट आना बाकी है। पूरे मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है।
बच्ची की मां बोली- प्रधान ने कर दी पुलिस को सूचना
बच्ची की मां ने बताया कि उन्होंने घटना की शिकायत पुलिस से नहीं की थी। प्रधान की ओर से इस मामले में पंचायत कराई जा रही थी। इसमें काफी लोग आए थे। पंचायत के बीच प्रधान ने खुद ही पुलिस को घटना की सूचना दे दी। मां बोली, हम लोग तो कई दिनों से बच्ची से हुई दरिंदगी को छुपाए हुए थे।
प्रधान बोले- मैंने नहीं की पुलिस को कॉल
इधर, प्रधान से जब इस पूरे मामले में की बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बच्ची के साथ हुई घटना का पता लगने पर पंचायत बुलाई गई थी। इसमें काफी ग्रामीणों की मौजूदगी में समझौते की बात चल रही थी। किन्हीं कारणवश दोनों में सुलह नहीं हुई। इस बीच किसी ग्रामीण ने फोन कर दिया। बाद में उनकी बात पुलिस से करा दी। हमने सीधे पुलिस को कोई फोन नहीं किया था।
आरोपी के परिजन बोले- प्रधान बना रहे थे दबाव
बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में जेल भेजे गए वृद्ध की पत्नी ने कहा कि उनके पति को झूठे आरोप में फंसाया गया है। छह माह पूर्व उनके बेटे ने प्रधान की शिकायत की थी। इस पर प्रधान के अधिकार सीज कर दिए गए थे। इसी की रंजिश में प्रधान ने फंसाने की धमकी दी थी। कहा, जब पंचायत हुई तो उसमें भी उनके पति को प्रधान ही जबरन बुला ले गए थे। यह भी आरोप लगाया कि प्रधान तीन लाख रुपये और एक एकड़ जमीन बच्ची के परिवार को देने का दबाव बना रहे थे। पति ने कुछ भी देने से मना कर दिया तो उन्हें फंसा दिया गया।