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रसूखदारों का करोड़ों की जमीन पर कब्जा, जांच बैठी

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पीलीभीत। नजूल की करोड़ों की जमीन पर अवैध कब्जे की मुख्यमंत्री पोर्टल पर हुई शिकायत पर शासन ने जांच बैठा दी है। सदर तहसीलदार और पालिका ईओ को इस प्रकरण की अलग-अलग जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए गए है। शहर के दूधिया मंदिर निवासी मनोज कुमार ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की शिकायत में कहा है कि एआरटीओ ऑफिस के पीछे कभी चौड़ा नाला हुआ करता था। जिसे पाटने के साथ ही नाले की आसपास की नगरपालिका की नजूल की जमीन पर बल्लभनगर कॉलोनी के आधा दर्जन भवन स्वामियों ने अवैध तरीके से कब्जा कर लिया है। आरोप लगाया कि बल्लभनगर कॉलोनी को संचालित करने वाली पीलीभीत कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी इस जमीन को अपना बताकर भू-आवंटियों को संरक्षण दिए है। बल्लभनगर कालोनी के प्लाट संख्या 7सी से लेकर 12सी तक पर बने भवन स्वामियों को सोसाइटी की जितनी जमीन विभागीय कागजों में आवंटित है उससे कई सौ गज ज्यादा जमीन पर उनके कब्जे हैं। शिकायतकर्ता मनोज कुमार के मुताबिक सोसाइटी की नापजोख में जमीन पर अवैध कब्जे की पुष्टी हो चुकी है। फिर भी अवैध कब्जेदारों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ता मनोज ने बताया कि अवैध कब्जेदारों में एक कलक्ट्रेट का एक कर्मचारी भी है। जो एक तहसील में तैनात है। इसके अलावा एक कब्जेदार नगरपालिका परिषद अध्यक्ष का भतीजा है। शेष बचे कब्जेदार भी काफी रसूख वाले हैं। पूर्व में इससे संबंधित शिकायतें किए जाने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके चलते मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की गई थी। इधर, सदर तहसीलदार विवेक मिश्रा का कहना है कि शासन स्तर से इस प्रकरण की जांच किसी दी गई है, इसकी जानकारी नहीं है। अगर नजूल की जमीन पर कब्जा किया गया है तो निश्चित ही जांच कराई जाएगी।
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