फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सांसद कर गए सिफारिश तो अफसर कार्रवाई से खींचने लगे हाथ

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। तमंचा लहराकर जीत का जश्न मनाने वाले भाजपा समर्थक बबलू वर्मा के पुलिस के सामने खुद हर्ष फायरिंग की बात स्वीकारने के बाद भी पुलिस अब कार्रवाई से जी चुराने लगी है। सांसद वरुण गांधी के बबलू को अभयदान देने की बात एसपी से कहे जाने के बाद अब मामले को जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी कर ली गई है। अफसर बैकफुट पर आते दिखाई दे रहे हैं। लोकसभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलने और वरुण गांधी के भारी मतों से विजयी होने पर शुक्रवार को भाजपा समर्थक बबलू वर्मा का तमंचा लहराकर खुशी मनाते हुए फोटो सोशल साइट्स पर वायरल हुआ था। पहले तो बबलू ने इसे विरोधियों की साजिश बताया। कहा कि उसकी छवि खराब करने के लिए फोटो को एडिट करके वायरल किया गया है, लेकिन सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल को इस मामले की जांच मिलने और साइबर सेल, स्वाट टीम के भी तहकीकात करने में जुटने के बाद बबलू ने पुलिस के सामने आकर सच स्वीकार कर लिया। उसने न केवल फोटो अपना बताया बल्कि हर्ष फायरिंग करने की बात भी कबूल कर ली थी। इधर, जीत के बाद पहली बार जिले में आए सांसद वरुण गांधी ने जाते-जाते एसपी से बबलू को अभयदान देने की बात कह दी। इसके बाद अब पहले से ही सुस्त पड़ी पुलिस की जांच को ठंडे बस्ते में डालने की तैयारी शुरू कर दी गई है। अधिकारी इस मामले में बचते से नजर आ रहे हैं। उधर, बबलू बचने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने में जुटा है। खास बात यह है कि अब तक पुलिस की ओर से तमंचा बरामदगी को लेकर भी कोई कदम नहीं उठाया गया है। फोटो की जांच भी नहीं कराई जा रही है, जबकि इस तरह के अन्य मामलों में साधारण व्यक्ति पर आरोप लगने के बाद पुलिस सख्ती दिखाने से नहीं चूकती। फिलहाल मामला खासा चर्चा का विषय बना हुआ है। सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। जांच के आधार पर कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें