गजरौला (पीलीभीत)। अवैध शराब कई बार जानलेवा साबित हो चुकी है। आए दिन इससे जुड़े मामले उजागर होते रहे हैं। पुलिस अधिकारी अभियान चलाकर अवैध शराब का धंधा करने वालों पर सख्ती करने का निर्देश देते हैं, लेकिन थाना-चौकी स्तर पर साठगांठ के चलते धंधा लगातार पनप रहा है। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाने का एक मामला अब गजरौला से सामने आया है। जिसमेें पुलिस ने पहले तो दबिश देकर एक युवक को अवैध शराब बनाने के आरोप में हिरासत में लिया, लेकिन जैसे ही दबाव पड़ा, पुलिस बैकफुट पर आ गई और हिरासत में लिए गए आरोपी को क्लीन चिट देते हुए चंद मिनट में ही छोड़ दिया गया। अब गजरौला पुलिस साख बचाने को बयानबाजी में जुटी है। मामला क्षेत्र में खासा चर्चा का विषय बना रहा। सुहास चौकी प्रभारी चमन सिंह का कहना है कि दबिश के दौरान युवक घर पर अवैध शराब पीते हुए मिला था। उसके द्वारा न तो शराब बनाई जा रही थी, न ही वह उसको बेच रहा था। इसलिए जांच के बाद उसको छोड़ दिया गया है। उधर, इंस्पेक्टर बिरजाराम ने कार्रवाई पर उठ रहे सवालों को निराधार बताया। अवैध शराब को लेकर दुबारा छापामारी कराने की भी बात कही। हालांकि यह उन्होंने भी स्वीकार किया कि पकड़े गए युवक के लिए सिफारिश आई थीं।