पीलीभीत। नकली नोट छापने के मामले में सरगना नितिन पटेल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कोशिशें करने के दावे करती रह गई और नितिन सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर गया। उसको जेल भेज दिया गया है। अब इसकी जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस उसको रिमांड पर लेने की तैयारी में जुट गई है। वहीं एक अन्य आरोपी शिवम वर्मा भी अभी तक हत्थे नहीं लग सका है। मां यशवंतरी देवी मंदिर में लगे नवरात्र मेले में दुकानों पर 500 के नकली नोट चलाने की कोशिश करते कोतवाली पुलिस ने 15 अप्रैल की रात को मोहल्ला नखासा निवासी उद्देश्य दीक्षित को पकड़ा था। उसके पास से 500 के छह नकली नोट भी बरामद हुए थे। उसको कोतवाली लाकर पूछताछ की गई, तो सामने आया कि मोहल्ला गोपाल सिंह निवासी नितिन पटेल और उसकी पत्नी संगीता नकली नोट छापते हैं। पुलिस ने छापा मारकर संगीता को भी पकड़ लिया था, जबकि नितिन नहीं मिल सका था। मौके से पुलिस ने 500 के 17 और 200 के 11 नकली नोट और उपकरण बरामद किए थे। एक आरोपी शिवम वर्मा का नाम भी सामने आया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर संगीता और उद्देश्य को जेल भेज दिया था। फरार नितिन और शिवम की धरपकड़ के लिए कोशिश करने के पुलिस दावे करती रही। इस बीच शनिवार को सरगना नितिन ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जहां से उसको जेल भेज दिया गया है। कोतवाल वीके मिश्रा ने बताया कि नितिन के सरेंडर कर जेल जाने की जानकारी मिली है। यह भी पता लगा है कि शिवम भी सरेंडर करने वाला था, लेकिन किया नहीं। अब नितिन को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा।