एक्सप्रेस-वे पर बाइक सवारों को वापस भेजा, नोकझोंक
खेकड़ा। दोपहिया वाहन चालक देश के पहले बसे तेज गति वाले ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर सफर का मजा नहीं ले सकेंगे। एनएचएआई की तरफ से फिलहाल दोपहिया को अनुमति नहीं दी गई है। शुक्रवार को खेकडा स्थित टोल नाकों पर बाइक सवारों को रोककर वापिस भेजा गया। इस दौरान टोल कर्मचारियों और बाइक सवारों में काफी नोकझोंक हुई।
एक्सप्रेस वे पर इंडियन रोड कांग्रेस स्पेशल पब्लिकेशन 99 के मैनुअल में दोपहिया वाहनों के चलने पर रोक है। इसकी वजह तेज गति है। दरअसल अब तक जितने भी एक्सप्रेसवे बने हैं, उन पर गति सीमा 60 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक है। 60 किलोमीटर प्रति घंटे भारी वाहनों के लिए है जबकि 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार कारों के लिए है। वहीं ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर वाहनों की न्यूनतम गति सीमा 80 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। कारों के लिए गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटे रखी गई है। साथ ही भविष्य में जितने हाइवे बनेंगे, उनकी गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी। ऐसे में ईस्टर्न पेरिफेरल की न्यूनतम गति पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे बाइक चलने पर हादसे की आशंका बनी रहेगी। इसे देखते हुए एक्सप्रेसवे पर बाइक चलाने की अनुमति नहीं दी गई है।
एनएचएआई ईस्टर्न पेरिफेरल के टोल अधिकारी राहुल जिंदल ने बताया कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पर बाइक को अनुमति देने का मसले पर बैठकों में चर्चा हुई है। लेकिन इस पर सहमति नहीं बनी। हालांकि यह प्रस्ताव अभी पूरी तरह खारिज भी नहीं हुआ। अगर भविष्य में मंत्रालय की तरफ से कोई निर्देश आता है तो दोपहिया वाहनों को चलने की अनुमति दे दी जाएगी। बताया कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर बाइक के साथ ही ट्रैक्टर भी नहीं चल सकेंगे। ट्रैक्टर ले जाने पर चालान कट सकता है। एनएचएआई के टोल अधिकारी का कहना है कि ट्रैक्टर की गति कम होने के कारण इसे रोका जा रहा है। वैसे मैनुअल में भी किसी भी एक्सप्रेस-वे पर टैक्टर चलाने की अनुमति नहीं है।