जहानाबाद/ पीलीभीत। धुलेंडी के दिन कुकरीखेड़ा गांव में हुए बवाल के बाद से गांव में तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात है। शांति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त बंदोबस्त के दावे किए जा रहे है। इस बीच एक बार फिर जहानाबाद पुलिस की लापरवाही उजागर हो गयी। गांव में फोर्स लगा होने के बावजूद शरारती तत्वों ने शनिवार रात एक मैदान में लगे अल्पसंख्यक समुदाय के उपलों के ढेर में आग लगा दी। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी की, लेकिन आग लगाने वालों का कोई सुराग नही लगा सकी। इस घटना को लेकर अब पुलिस के अफसर चुप्पी साध गए है। वहीं वारदात तैनात किए गए फ़ोर्स की मुस्तैदी पर भी सवाल खड़े कर गयी है। पूरे गांव मे इसकी चर्चा तेज है। लोग दहशत में खुलकर नही बोल रहे है।
जहानाबाद के ककुरीखेड़ा गांव में धुलेंडी के दिन दो समुदायों में रंग खेलने के रास्ते को लेकर विवाद हुआ था। इसमें धारदार हथियारों से वार किए गए और पथराव हुआ था। इसमें 45 वर्षीय जयप्रकाश की मौत हो गई और पांच घायल हो गए थे। तीन आरोपी जेल भेजे जा चुके है। एक अभी बजी फरार है। गांव में घटना के बाद से फोर्स तैनात है। एक पक्ष के अधिकांश लोग मकान बंद कर चले गए है। दूसरी तरफ भी चहलकदमी ना के बराबर है। घटना के दिन गांव में पुलिस की तैनाती ना होने पर लापरवाही को अधिकारी दबा गए थे। ऐसे ही अब गांव के एक कोने में प्लाट में लगे उपलों के ढेर में शनिवार रात किसी ने आग लगा दी। इसकी सूचना पर दमकल की गाड़ी पहुची और आग बुझाई। जहानाबाद पुलिस भी मौके पर गई। जिसके बाद इस घटना को लेकर चुप्पी साध ली गयी। पूछने पर पहले थाना पुलिस इस मामले को दूसरे गांव का बताती रही बाद में खेत मे आग लगने की बात कही जाने लगी। उधर अफसर भी कुछ नही बोल रहे है। कुछ ग्रामीणों ने जरूर घटना की पुष्टि की।
आखिर कौन कर गया शरारत
घटना के बाद भले गांव में तनाव के हालात हो, लेकिन कोई भी पक्ष झगड़ा फसाद नही चाहता। पुलिस भी लगी हुई है। इसके बाबजूद घटना का होना शरारत की ओर इशारा कर रहा है। आखिर कौन ऐसी शरारत कर गया।