पीलीभीत। रेलवे स्टेशन परिसर में जीएम के दौरे को लेकर निर्माण कार्य करा रहे ठेकेदार के कर्मचारी को पास बुलाकर जीआरपी इंस्पेक्टर ने थप्पड़ जड़ दिया। इस पर गुस्साए ठेकेदार के कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया, जिससे करीब डेढ़ घंटे काम बंद रहा। रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर बातचीत की और पूरे मामले की पड़ताल कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारी शांत हुए और दोबारा काम शुरू कर दिया। इंस्पेक्टर ने थप्पड़ क्यों मारा इसकी वजह कर्मचारी नहीं बता सके?
15 फरवरी को जीएम का दौरा प्रस्तावित है। इसको लेकर रेलवे स्टेशन परिसर कार्य चल रहा है। सड़कों की मरम्मत का काम बरेली की स्टार कंपनी कर रही है। कार्य कंपनी के कर्मचारी बाबू खां की देखरेख में चल रहा हैं। बाबू खां के मुताबिक सोमवार दोपहर वह जीआरपी थाना प्रभारी के आवास के पास सड़क की मरम्मत करा रहे थे। इस बीच इंस्पेक्टर जीआरपी बाहर निकले। उस वक्त वह वर्दी नहीं पहने थे। उन्होंने आवाज देकर बाबू खां को अपने पास बुलाया। बाबू खां ने बताया कि वह कुछ समझ पाते इससे पहले उनके इंस्पेक्टर ने थप्पड़ जड़ दिया। फिर वह अपने आवास में चले गए। बाबू खां ने इसकी जानकारी अपने ठेकेदार को दी, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया। इंस्पेक्टर के विरोध में ठेकेदार के कर्मचारी काम बंद करके इकट्ठे हो गए और हंगामा करने लगे। इसकी सूचना मिलने पर रेलवे के अधिकारी मौके पर जा पहुंचे और ठेकेदार और मजदूरों से घटना की जानकारी जुटाई। अफसरों ने मामले की गंभीरता से इसकी पड़ताल कराकर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया। आला अधिकारियों को भी रिपोर्ट भेजने की बात कही गई। इसके बाद सभी शांत हुए और दोबारा कार्य शुरू कर दिया।
मुझे थप्पड़ मारने की वजह बताएं इंस्पेक्टर
मैं रोज की तरह काम करा रहा था। मुझको इंस्पेक्टर जीआरपी ने आवाज देकर अपने बुलाया और बेवजह थप्पड़ जड़ दिया। इसकी क्या वजह रही? इसका जवाब इंस्पेक्टर जीआरपी को देना होगा। मेरी कोई गलती नहीं थी। इंस्पेक्टर की शिकायत स्थानीय अफसरों से कर दी गई है। इसकी जीएम से भी शिकायत करूंगा। - बाबू खां, पीड़ित
इंस्पेक्टर ने दरोगा को थमा दिया सीयूजी
जीआरपी इंस्पेक्टर से जब उनका पक्ष जानने के लिए फोन सीयूजी नंबर पर कॉल की गई, तो जीआरपी के दरोगा नरायन सिंह ने कॉल रिसीव की। उन्होंने इंस्पेक्टर जीआरपी के आवास पर होने की बात कही और खुद भी घटना को अनभिज्ञता जताई। बोले- मैं सोमवार शाम को छुट्टी से लौटा हूं। मुझे दिन में हुए घटनाक्रम की जानकारी नहीं है।
इस मामले की जानकारी मुझे नहीं है। स्थानीय स्तर के अफसरों से संपर्क कर पूरे मामले का पता लगाया जाएगा। उसके बाद ही कुछ निर्णय लिया जाएगा। - राजेंद्र सिंह, डीआरएम के पीआरओ