पीलीभीत। शादी का झांसा देकर तीन साल तक एक युवक ने युवती से शारीरिक संबंध बनाए। शादी करने का दबाव बनाने पर लगातार टालमटोल करता रहा। पीड़िता ने आरोपी के परिवार वालों से बातचीत की, तो उन्होंने भी जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर भगा दिया। तहरीर मिलने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर युवती को मेडिकल के लिए भेज दिया है।
बरखेड़ा क्षेत्र की एक युवती ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसका तीन साल से मोहल्ले के निवासी उद्देश्य से प्रेम चल रहा था। शादी का झांसा देकर आरोपी ने कई बार शारीरिक संबंध बनाए। एक बार उसको उत्तराखंड के उधम सिंह नगर ले गया। यहां उससे शादी करने की बात की तो उसने टालमटोल शुरू कर दी। इसके बाद आरोपी ने वहां पर भी जबरन शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जल्द शादी करने की बात कहकर घर भेज दिया। एक दिन पहले पीड़िता शादी की बात करने के लिए आरोपी के घर पहुंची। आरोप है कि वहां उसके माता-पिता ने पहले तो उसको घर में घुसने नहीं दिया। इसके बाद शादी कराने से साफ इनकार करते हुए भगा दिया। युवती ने थाना बरखेड़ा पहुंचकर घटना की शिकायत की। जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी उद्देश्य, उसके माता-पिता के खिलाफ एससीएसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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आखिर एसएचओ क्यों छिपाते रहे मामला?
महिला अपराध को लेकर पुलिस अधिकारी गंभीरता बरतने के निर्देश थाना स्तर पर पुलिस को देते हैं, लेकिन इसका पालन करने के बजाए पुलिस मनमानी पर उतारू हो जाती है। युवती की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने के साथ ही थाना परिसर में मंगलवार देर रात तक हाइटेक ड्रामा चलता रहा। सूत्रों की मानें तो खुद पुलिस ने उससे तहरीर लिखवाई और मेडिकल के लिए भी भेजा। इसके बावजूद दूसरे दिन तक एसएचओ पूरा मामला छिपाने की कोशिश करते रहे। एसएचओ राजेश कुमार मौर्य ने पहले तो मुकदमा दर्ज किए जाने की बात से इंकार कर दिया। इसके बाद दोबारा युवती के थाना आकर शिकायत करने को लेकर कुछ भी बताने से साफ इंकार कर दिया। जिससे कार्यप्रणाली पर संगीन सवाल खड़े हो गए है।
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