पीलीभीत। रहस्मय ढंग से लापता हुए किसान दारा सिंह का शव मिलने के बाद से उनकी हत्या किए जाने को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसान की मौत की वजह डूबने से बताया गया है। इसके अलावा शरीर पर कोई चेाट का गंभीर निशान भी नहीं पाया गया है। जिसके बाद पुलिस मामले को हादसा मान रही है।
कस्बा माधोटांडा के निवासी 55 वर्षीय किसान योगेंद्र सिंह उर्फ दारा सिंह शुक्रवार देर शाम खेत पर जानवर बांधने की बात कहकर गए थे। इसके बाद वह लापता हो गए। दूसरे दिन उनकी बाइक , मोबाइल, चप्पलें एक किलोमीटर दूर पड़ी मिली। काफी तलाश के बाद पांचवें दिन उनका शव खारजा नहर की बाईं पटरी पर पेड़ में फंसा मिला था। जिस पर परिवारीजनों ने हत्या की आशंका जाहिर की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। मामले की छानबीन की गई, इसमें भी परिवार वालों ने किसी तरह की रंजिश से इनकार कर दिया। बुधवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर किसान की मौत की वजह स्पष्ट हो गई है। एसएचओ माधोटांडा इंद्र सिंह ने बताया कि पीएम रिपार्ट में किसान की मौत की वजह डूबने से बताई गई है। ऐसे में मामला हादसा साबित हो गया है। फिलहाल कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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परिवार के गले नहीं उतर रही कहानी
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसान की मौत की वजह डूबने से निकलने के बाद पुलिस भले इसे हादसा मान चुकी हो, लेकिन परिवार वालों के मन में अभी कई सवाल ऐसे है, जिनका जवाब नहीं मिल सका है। किसान की चप्पल, बाइक और मोबाइल एक किलोमीटर दूर अलग-अलग स्थान पर पड़ा मिला। इसके और एक किलामीटर आगे उसका शव नहर में बरामद हुआ। वह वहां तक कैसे पहुंचा? जिस स्थान पर शव मिला, वहां पर तलाश परिवार वाले कर चुके थे, लेकिन शव वहां पर पहले नहीं मिला। कही उनको ले जाकर नहर में फेंका तो नहीं गया? ऐसे कई सवालों को लेकर परिवार को उसकी हत्या का अंदेशा है।