खेकड़ा (बागपत)।
नगर की एक कॉलोनी के लोग गत एक सप्ताह से रहस्यमय ढंग से कपड़ों में आग लगने की घटना से दहशत में है। शनिवार की दोपहर में कपड़ों के जलने को लेकर एक तांत्रिक बुलाया। उसने ऊपरी हवा बताकर लोगों को गुमराह किया। इस घटना से स्थानीय लोग दहशत में है। दूसरी ओर मनोवैज्ञानिक की नजर में वैज्ञानिक युग में ऐसी घटनाएं निराधार हैं।
नगर की एक कॉलोनी में एक परिवार की महिला के कपड़ों में अचानक आग लगने की घटना की चर्चा बनी है। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि अचानक सात दिन पहले कॉलोनी की एक महिला ने कपड़ों में आग लगने की बात कही तो उसको हमने नजरंदाज कर दिया। फिर रस्सी पर सूख रहे कपड़े रहस्यमय हालत में फट गए। यह सिलसिला शनिवार दोपहर तक जारी रहा। अचानक कपड़ों एवं चारपाई में आग लग गई। सूचना मिलने पर फायर कर्मी भी गाड़ी लेकर पहुंचे और आग को बुझाया। इससे परिवार के सदस्यों के साथ ही कॉलोनी के लोग भी दहशत में है। इसे भूतप्रेत जैसी बातों से भी जोड़ा जा रहा है। कपड़ों में आग लगने के बाद कुछ लोग एक तांत्रिक को बला लाए और घटना के बारे में बताया। तांत्रिक ने ऊपरी हवा बताया। इससे लोग दहशत में आ गए।
उधर, मनोवैज्ञानिक और एमएम डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जगदीश कुमार का कहना है कि भूत-प्रेत जैसी कोई चीज नहीं होती है। यह किसी की करतूत है, जो परेशान करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे तमाम केसों की स्टडी की जा चुकी है। पीड़ित परिवार सहयोग करें तो सच्चाई उजागर हो सकती है। घर के कपड़े अचानक जलने की घटना का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। आज के विकसित समाज में ऐसी अफवाहों पर ध्यान देने की बजाए उसके ठोस आधार की तलाश करनी चाहिए। इसके पीछे डर एक कारण हो सकता है।