एसपी के ऑपरेशन ब्राउन को पलीता लगा रहे थानेदार
वाहवाही लूटने को आंकड़े किए जा रहे दुरुस्त
शराब की छिटपुट धरपकड़ तक सिमटी पुलिस की कार्रवाई
वैभव शुक्ला
पीलीभीत। नेपाल और उत्तराखंड की सीमा से सटे तराई के जनपद में नशे की सौदागरी कर युवा पीढ़ी को कमजोर बनाने और अपराध में धकेलने वालों पर शिकंजा कसने को दमखम के साथ शुरू की गई मुहिम धीमी पड़ने लगी है। अधिकारियों की मंशा को मुकाम तक पहुंचाने के बजाए मातहत उसको पलीता लगाने में जुट गए हैं। मादक पदार्थ के बड़े कारोबारियों को छोड़, छिटपुट कच्ची शराब पकड़कर अभिलेख दुरुस्त किए जा रहे हैं। नतीजतन पूर्व में चलाए गए अभियानों की भांति एसपी का ऑपरेशन ब्राउन थाना-चौकी स्तर पर बरती जा रही लापरवाही की भेंट चढ़ता दिखाई दे रहा है।
वैसे तो कई बार जिले में नशे के कारोबारियों पर सख्ती करने की मांग की जा चुकी है। लोग सड़कों पर भी उतरे, लेकिन एक-दो दिन अभियान चलाकर छापामारी की औपचारिकता से अधिक सख्ती प्रशासन नहीं कर सका। बीते माह आठ जनवरी को एसपी कलानिधि नैथानी ने इसको लेकर संजीदगी दिखाई। ऑपरेशन ब्राउन अभियान की शुरूआत की गई। इसमें सिविल पुलिस के साथ आबकारी टीम को भी शामिल किया गया। खास बात यह रही कि एसपी के इस अभियान को सफल बनाने के नाम पर थाना स्तर पर गुडमैन बनने की होड़ शुरू हो गई। शुरूआती दिनों में धरपकड़ कर वाहवाही लूटी गई। अफसर भी कार्रवाई से खासा संतुष्ट हुए और सफलता को सराहा जाने लगा, लेकिन यह सब चंद दिनों तक ही सीमित रहा। ऑपरेशन ब्राउन में धरपकड़ के नाम पर थानों की पुलिस 20 तो कभी 50 लीटर कच्ची शराब पकड़कर कागजों में कार्रवाई कर आंकड़ेबाजी करने में जुटी है। बड़े सौदागरों तक पुलिस के हाथ भले अभी नहीं पहुंच सके हो, लेकिन प्रकाश में आए आंकड़ों को देख जनपद में बड़े पैमाने पर कारोबार किए जाने की बात उजागर हो गई है।
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साठगांठ के चलते कार्रवाई नहीं
कई लोग जेल जा चुके हैं, लेकिन शहर से देहात तक कई ऐसे कारोबारियों पर कोई आंच नहीं आई, जिनके इस कारोबार से जुड़ा होने की बात जगजाहिर है। इसके पीछे कुछ पुलिसकर्मियों से बेहतर साठगांठ होने को कारण बताया जाता है। खुद महकमे से जुड़े लोग दबी जुबां से इसको स्वीकारते हैं।
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2017 में दुखद घटनाओं की वजह बना नशा
जिले से लेकर शासन तक गूंज करने वाली 2017 की दो घटनाओं के पीछे नशा अहम वजह बताया गया था। 21 फरवरी को अमरिया कस्बे में नशेड़ी ने छह साल के मासूम की नृशंस हत्या कर दी थी। इसके बाद सड़कों पर हजारों की भीड़ नशे के खिलाफ उतरी। इसके अलावा मार्च माह में गजरौला क्षेत्र में नशा करने को रुपये न देने पर एक बुजुर्ग की उसके ही बेटे ने हत्या कर दी थी।
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शराब बरामदगी पर कार्रवाई
(8 से 29 जनवरी तक)
- 176 मुकदमे दर्ज
- 142 लोगों की गिरफ्तारी
- 2881 लीटर शराब हुई बरामद
- 20 अवैध शराब भट्टी पकड़ीं
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नारकोटिक्स की बरामदगी
- 18 मुकदमे किए गए दर्ज
- 18 आरोपियों को भेजा जेल
- 6.9 किग्रा चरस हुई बरामद
- 18.2 किग्रा डोडा पकड़ा
- 2.1 किग्रा गांजा बरामद
- 2.8 किग्रा भांग पाउडर बरामद
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एसपी का वर्जन
ऑपरेशन ब्राउन के तहत सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। लगातार धरपकड़ कराई जा रही है, इसका काफी असर भी पड़ा है। हेल्पलाइन नंबर 9454404105 पर इससे जुड़ी सूचना पब्लिक सीधे दे सकती है, कार्रवाई होगी।
कलानिधि नैथानी, एसपी