पूरनपुर। गन्ना किसान की मौत होने के बाद उसका गन्ना सप्लाई सट्टा बंद कर दिया गया था, जो साठगांठ के बाद फिर चालू कर दिया गया। शिकायत पर सहकारी गन्ना समिति सचिव ने सट्टा बंद करवाने के साथ पर्यवेक्षक का जवाब तलब किया है। गन्ना सप्लाई पर्चियों के लिए इस बार किसान पूरी सीजन भटकते रहे। हालांकि पिछले वर्षों की अपेक्षा इस सीजन में गन्ना सप्लाई पर्चियां जारी होने में घपलेबाजी के आरोप कम लगे। गांव पिपरिया दुलई निवासी किसान राजेंद्र की मौत के बाद उसका गन्ना सप्लाई सट्टा बंद कर दिया गया था। मगर साठगांठ के चलते गन्ना सप्लाई सट्टा फिर चालू कर दिया गया। उनके नाम गन्ना सप्लाई पर्ची भी जारी कर दी गईं। गांव के कुछ लोगों ने सोमवार को सहकारी गन्ना समिति पहुंचकर इसकी शिकायत की। सहकारी गन्ना समिति सचिव टीएन त्रिपाठी ने बताया कि जांच में मृत किसान के नाम गन्ना सप्लाई सट्टा चलता पाया गया। इस पर उसके नाम से जारी पर्ची पर सप्लाई किए गए गन्ने के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। गन्ना पर्यवेक्षक का स्पष्टीकरण तलब किया गया है।