खेकड़ा (बागपत)।
जिला जेल से मंगलवार को फिर एक कैदी ने इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय सुरक्षा कर्मी पर हमला कर भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स की मुस्तैदी से असफल रहा। जेल का गेट से कुछ ही दूरी पर जवानों ने उसको तुरंत दबोच लिया। बाद में कड़ी सुरक्षा में अस्पताल से उपचार कराकर वापस कोठरी में बंद किया। इसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
मुन्ना बजरंगी की हत्या से मशहूर हुए बागपत जिला कारागार पर मंगलवार को एक कलंक ओर लगने से बच गया। कई हत्याओं में शामिल आरोपी एक कैदी ने उस वक्त भागने का प्रयास किया, जब उसे इलाज के लिए जेल से जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था। मिली जानकारी के अनुसार कैदी को ले जाने के लिए गेट पर एंबुलेंस लगी थी। सुरक्षा कर्मी उसको लेकर जैसे ही गेट के पास लाए और गेट खोला गया तो अचानक उसने लेकर आ रहे सुरक्षा कर्मी पर हमला बोल दिया और उसको धक्का देकर गेट से बाहर निकल कर भागने लगा, लेकिन बाहर पैरा मिलिट्री फोर्स व सुरक्षा कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाकर कुछ दूरी पर उसको दबोच लिया। बाद में कड़ी सुरक्षा में उसको अस्पताल उपचार कराकर वापस जेल की कोठरी में बंद कर दिया। ऐसे में बड़ी घटना होने से टल गई।
इस संबंध में डिप्टी जेलर सुरेश बहादुर सिंह ने बताया कि उक्त कैदी मानसिक रोगी भी हो चुका है। उसने इधर उधर होने का प्रयास किया, लेकिन मजबूत सुरक्षा के सामने असफल रहा।
भाग चुका है बागपत जेल से अस्पताल गया कैदी
दिल्ली का पूर्व विधायक रामबीर शौकीन पुलिस हिरासत से फरार हो गया था। बागपत की जेल में बंद रामबीर को इलाज के लिए दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल लाया गया था, जहां से वह पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। यह मामला मात्र एक माह पूर्व 26 सितंबर को हुआ था।