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महिला की मौत पर बवाल, गुस्साई भीड़ ने थाना घेर किया प्रदर्शन

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माधोटांडा/पीलीभीत। बीमार देवरानी को अस्पताल पहुंचाने के लिए सवारी तलाशने निकले पुरैना ताल्लुके महाराजपुर गांव निवासी मानिकदास को यूपी 100 पुलिस ने पकड़ लिया। उसको रात भर गाड़ी में बैठाकर घुमाते रहे और सुबह रमनगरा के पास शारदा बांध पर लाकर छोड़ दिया। इस बीच इलाज के अभाव में महिला की मौत हो गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने परिवारीजनों के साथ थाना माधोटांडा का घेराव कर प्रदर्शन किया। सीओ के जांच कर कार्रवाई के आश्वासन पर मामला शांत हो सका। आखिर युवक को पुलिस ने हिरासत में क्यों लिया? इसका जवाब अफसर नहीं दे सके हैं।
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माधोटांडा थाना क्षेत्र के ग्राम पुरैना ताल्लुके महाराजपुर निवासी 22 वर्षीय पार्वती पत्नी रमनदास की मंगलवार रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसका पति रुद्रपुर में मजदूरी करने गया हुआ है। इस बीच जेठ मानिकदास उसको अस्पताल पहुंचाने के लिए घर से बाहर सवारी की तलाश को निकला। आरोप है कि कुछ दूर पहुंचते ही अचानक यूपी 100 की गाड़ी संख्या 2083 में सवार तीन पुलिसकर्मियों ने उसको बेवजह पकड़ लिया। तीनों पुलिसकर्मियों के नशे में होने का आरोप है। हिरासत में लेने का न तो कोई कारण बताया, न ही मारपीट की। सिर्फ मोबाइल छीनकर पुलिसकर्मी उसको क्षेत्र में इधर-उधर घुमाते रहे। रात भर घुमाने के बाद सुबह चार बजे मानिकदास को रमनगरा के निकट शारदा बांध के पास छोड़कर पुलिसकर्मी चले गए। इस बीच इलाज के अभाव में बीमार पार्वती ने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी लगने पर कुछ ही देर में ग्रामीण जमा हो गए। पुलिस के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। शव लेकर माधोटांडा पहुंचकर थाना गेट पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया गया। एसएचओ इंद्र सिंह के बातचीत के आश्वासन पर जाम खोलने के बाद ग्रामीणों ने थाने का घेर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। हालात बिगड़ता देख अधिकारियों को सूचना दी गई। इस पर सीओ पूरनपुर अनुराग दर्शन मौके पर पहुंचे। पीड़ित परिवार से पूरे मामले की जानकारी की। इसके बाद निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। परिवारीजन दोषी पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़ गए। जिसको लेकर कई बार पुलिस से तीखी नोकझोंक भी हुई। अंत में गांव के कुछ लोगों के दखल के बाद किसी तरह आश्वासन पर मामला शांत कराया जा सका। पीड़ित मानिकदास ने यूपी 100 सिपाहियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए तहरीर माधोटांडा पुलिस को दी है। शव को परिवारीजन अंतिम संस्कार के लिए ले गए। उसका पोस्टमार्टम नहीं कराया गया है।
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कार्रवाई नहीं, पहले पीड़ित की कहानी की होगी जांच
पीलीभीत। एक महिला की मौत के बाद यूपी 100 पुलिस पर संगीन आरोप लगे हैं। जिनको अगर सही माना जाए तो सीधे तौर पर महिला की मौत की जिम्मेदार पुलिस दिखाई दे रही है। युवक को हिरासत में क्यों लिया गया? उसको रात भर इधर-उधर क्यों घुमाते रहे? ऐसे कई सवालों के जवाब देने में पुलिस अधिकारी असमर्थ दिखे, लेकिन खास बात यह रही कि पूरे मामले को लेकर पुलिस के बचाव करने की स्थिति बनी रही। पीड़ित की बताई गई कहानी को ही संदिग्धता का नाम देकर जांच की बात कह दी गई है। नतीजतन आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाए अफसर पहले पीड़ित की कहानी की सत्यता का पता करेंगे। इस दौरान यूपी 100 पुलिस की जीपीएस के जरिए लोकेशन का भी पता किया जाएगा। जिससे यह सामने आएगा कि वह बताए गए स्थानों पर गई थी या नहीं। एक और पहलू लाकर खड़ा कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक यह भी पता लगाया जाएगा कि यूपी 100 की जिस टीम पर आरोप लगा है, उसकी क्षेत्र में गतिविधि किस तरह से रही है। कही उसको फंसाने के लिए तो ऐसा नहंी किया गया? इस ओर भी पुलिस अधिकारी जांच करेंगे।
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मासूम के सिर से उठा मां का साया
महिला की तबीयत मंगलवार सुबह भी खराब हुई थी। उसको बुखार की शिकायत होने पर गांव के चिकित्सक से दवा दिला दी गई। जिसमें वह ठीक हो गई। पति रमनदास मजदूरी को रूद्रपुर उत्तराखंड गया हुआ है। इस बीच जेठ और ससुर उसकी देखरेख में लगे थे। उसका एक सात माह का बेटा है। मौत के पीछे भले अभी कोई जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सका हो, लेकिन सात माह के मासूम के सिर से मां का साया उठ गया है। पत्नी की मौत की खबर मिलने पर रमन रुद्रपुर से गांव पहुंचा। उसका रो-रोकर बुरा हाल है। पूरा परिवार आरोपी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।
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कराई गई शिनाख्त परेड
सीओ पूरनपुर ने माधोटांडा पहुंचने के बाद भीड़ को सुना। इसके बाद आरोपी सिपाहियों की शिनाख्त के कराने का प्रयास किया गया। पुलिस ने तीन पुलिसकर्मी बुलाकर सामने खड़े कर दिए। जिसमें से एक सिपाही को मानिकदास ने पहचान लिया। बकाया की पहचान करने से इनकार कर दिया है।
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बिचौलिए पहुंचे नेतागिरि चमकाने
पुलिस के खिलाफ पीड़ित परिवार और ग्रामीणों का प्रदर्शन होने की भनक लगते ही कुछ बिचौलिए भी सक्रिय दिखाई दिए। मौके पर जाकर मामला निपटाने का दावा किया जाने लगा। यही नहीं मुकदमे की मांग पर अडिग परिवारीजनों को भी शांत कराया। उधर पुलिस से भी लगातार अपनी नेतागिरि चमकाने की कोशिश की जाती रही।
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पूरे मामले की जांच सीओ पूरनपुर से कराई जा रही है। यूपी 100 की 2083 पीआरवी पर लगे आरोप बेहद गंभीर है। सीओ से रिपोर्ट मांगी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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कलानिधि नैथानी, एसपी
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