जहानाबाद (पीलीभीत)। रंजिशन तीन लोगों ने सरौरी गांव के एक तालाब में जहरीला पदार्थ डाल दिया। पानी जहरीला होने से तालाब में पल रही लाखों की कीमत की मछलियां मर गईं। इसको लेकर दो पक्षों के बीच जमकर हंगामा हुआ। इसके बाद मछली पालन करने वाले व्यक्ति ने थाना जहानाबाद पहुंचकर शिकायत की। दूसरे पक्ष से भी कुछ लोग थाने जा पहुंचे। पुलिस ने छानबीन के बाद तीन आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की है। उधर, सूचना मिलने पर मतस्य विभाग की टीम ने तालाब के पानी का सैंपल लिया है।
जहानाबाद थाना क्षेत्र के सरौरी गांव निवासी टीकाराम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि पिछले करीब चार दशक से वह गांव के एक तालाब में मछली पालन कर रहे हैं। वर्तमान में लाखों की कीमत की मछलियां तालाब में थीं। आरोप है कि पुराने विवाद के चलते गांव के ही देवीराम, कुंवरपाल और नन्हेंलाल ने मंगलवार रात तालाब में जहरीला पदार्थ डाल दिया। इससे पानी जहरीला हो गया और उसमें पल रही सभी मछलियों की मौत हो गई। बुधवार सुबह लोगों ने तालाब में मछलियों को मृत देखा तो खलबली मच गई। कुछ ही देर में तालाब किनारे लोग की भीड़ जमा हो गई। टीकाराम में गांव के कुछ लोगों पर जहर डालने का आरोप लगाया, जिससे हंगामा होने लगा। मामला थाना पहुंचा तो पुलिस ने दोनों पक्षों को बैठाकर बातचीत की। काफी जद्दोजहद के बाद भी मामला निपट नहीं सका। थाने में दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता देख पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया। इस पर पीड़ित ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। पुलिस ने बाद में जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए मामला शांत कराया। दोपहर बाद दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली। कुछ आरोपियों का शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया। उधर, घटना की शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों तक भी पहुंची। इसके बाद मतस्य विभाग में भी इसको लेकर खलबली मची रही। एक टीम भेजकर तालाब के पानी का सेंपल लिया गया। जिसकी जांच कराई जाएगी।
एक व्यक्ति ने नामजद तहरीर देकर तालाब में मछलियों को जहर देकर मारने का आरोप लगाया है। तीनों आरोपी देवीराम, कुंवरपाल और नन्हेंलाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। प्रकरण की जांच कराकर सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - कमल सिंह, इंस्पेक्टर जहानाबाद
घटना की जानकारी मिली थी। इस पर एक टीम को मौके पर भेजकर तालाब के पानी का सेंपल लिया गया है। इसकी जांच लखनऊ प्रयोगशाला भेजकर कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही सत्यता का पता लग सकेगा। - देवेंद्र कुमार, मतस्य अधिकारी