पीलीभीत। कार से गोमांस बरामद होने के बाद तस्करों तक पहुंचने के लिए पुलिस को 24 घंटे बीतने के बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। कार में लिखा नंबर फर्जी निकला है। अब पुलिस चेसिस नंबर के आधार पर तस्करों का पता लगाने में जुटी है। इधर, गोकशी की घटनाओं पर रोकथाम के लिए एसपी मनोज कुमार सोनकर ने एक रणनीति बनाई है। इसके तहत पुराने अपराधियों के अलावा उनके जमानतदारों को भी सूचीबद्ध किया जाएगा। बुधवार रात गजरौला पुलिस ने असम हाईवे पर एक कार से चार कुंतल गोमांस बरामद किया था, जबकि तस्कर मौके से भागने में कामयाब रहे थे। अज्ञात के खिलाफ गोवध अधिनियम की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू की। पुलिस की छानबीन में कार पर लिखा नंबर नंबर फर्जी निकला है। तस्करों का पता लगाने के लिए पुलिस ने कार मालिक की तलाश तेज कर दी है। इसके लिए कार के चेसिस नंबर के जरिए जानकारी जुटाई जा रही है। एसपी मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि अभी कुछ स्पष्ट नहीं हो सका है। टीमें तलाश में लगी हैं। गोकशी की रोकथाम के लिए तीन साल के अपराधियों की सूची बनाई जा रही है। इसमें कितने अपराधी जेल में हैं और कितने बाहर, पता लगाया जाएगा। इसके अलावा उनकी जमानत लेने वालों पर भी पुलिस निगाह रखेगी। इसके अलावा पुलिसकर्मी की मिलीभगत को लेकर भी गोपनीय तरीके से कार्रवाई कराई जाएगी। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर मोहम्मद कासिम को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।