पीलीभीत। पुलवामा में आतंकी हमले और पाकिस्तान में वायुसेना के एयर स्ट्राइक करने के बाद से पूरे देश में हाई अलर्ट है। पीलीभीत की सीमा नेपाल और उत्तराखंड से सटी। इस कारण संवेदनशीलता और बढ़ जाती है। पुलिस अधिकारी हाई अलर्ट होने का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन इसको लेकर संवेदनशील नहीं है। शहर में सुरक्षा के लिहाज से खुफिया निगरानी के लिए लगाए गए सीसी टीवी कैमरे पिछले कई महीने से खराब पड़े हैं। ऐसे में न तो शहर में होने वाली किसी संदिग्ध गति विधि का पता चल सकेगा, और न ही कोई बड़ी वारदात होने पर पुलिस के हाथ कोई सुबूत लगेंगे।
लूट, स्नैचिंग और चोरी आदि संगीन वारदातों से बचने के लिए लोगों को पुलिस अधिकारी जागरूकता का पाठ पढ़ाते हैं। इसके लिए संस्थानों और घरों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने की सीख देते हैं। मगर पुलिस की ओर से शहर में लगवाए गए सीसी टीवी कैमरे खराब पड़े हैं। खास बात यह कि देश में आतंकी हमले का खतरा और जिले में हाई अलर्ट होने के बावजूद पुलिस अधिकारियों ने सीसी टीवी कैमरे ठीक कराने के लिए कोई संजीदगी नहीं दिखाई। कई अधिकारियों को कैमरे बंद होने की जानकारी तक नहीं है। पुलिस ने शहर के सात स्थानों पर 17 कैमरे लगवाए। इसमें लोहा बाजार में चार, घन्नई ताल चार, ड्रमंडगंज चौराहा एक, छतरी चौराहा एक, नौगवां चौराहा एक, चौक बाजार चार और सिविल लाइन चौकी के पास दो कैमरे लगे हैं।
वारदात होने पर व्यापारियों के कैमरे खोजती है पुलिस
सीसीटीवी कैमरों से जुड़ी रिपोर्ट हर तीन माह ली जाती है। इसको लेकर पूरी गंभीरता से काम कराया जाता है। कैमरों में आई खराबी की जानकारी कराकर उनका सुधार कराया जाएगा।
- रोहित मिश्रा, एएसपी