आरोपी की मंगेतर को फोन करने पर छात्र को दी मौत की सजा
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पांच दिन बाद पुलिस ने किया हत्याकांड का खुलासा
बीसलपुर। छात्र लोकेश की हत्या के पांच दिन बाद शनिवार को पुलिस ने घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक छात्र लोकेश की हत्या उसके ही दोस्त शिवम शुक्ला ने की थी। आरोपी समेत दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी की मंगेतर को छात्र लोकेश फोन करता था। इसकी जानकारी होने पर शिवम ने मना भी किया था, लेकिन लोकेश नहीं माना। इस पर उसने लोकेश को ठिकाने लगाने की योजना बना ली। घटना का खुलासा होने के बाद रिपोर्ट में कराई गई नामजदगी गलत साबित हुई।
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दुर्गाप्रसाद निवासी मायाराम शर्मा के 18 वर्षीय बेटे कक्षा नौ के छात्र लोकेश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दो जनवरी को चौसरा गांव के पास गेहूं के खेत में उसका शव पड़ा मिला था। पिता ने पुराने विवाद में हत्या की आशंका जाहिर करते हुए मोहल्ला दुर्गाप्रसाद निवासी मनोज शर्मा, छोटू, मोहल्ला दुबे निवासी राजकमल दीक्षित और डिग्री कॉलेज रोड निवासी शिक्षक बालकृष्ण मिश्रा को रिपोर्ट में नामजद किया था। मगर पुलिस की छानबीन में कोई पुराना विवाद हत्या की वजह सामने नहीं आया। सर्विलांस टीम की मदद लेकर सुरागरसी की तो बरेली की एक युवती के अलावा दोस्त शिवम शुक्ला पर पुलिस का शक गहराया। इस पर पुलिस ने शिवम को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद खुलासे तक पहुंचने में देर न लगी। प्रभारी निरीक्षक संजीव उपाध्याय ने बताया कि शिवम शुक्ला का विवाह बरेली की एक लड़की से तय हुआ। लोकेश ने किसी तरह उसकी शिवम की मंगेतर का नंबर हासिल कर लिया था। नंबर हासिल करने के बाद उससे लोकेश बात करने लगा। मंगेतर ने इसकी शिकायत शिवम से की। पहले शिवम ने लोकेश को समझाया। कई बार मना करने के बाद भी जब लोकेश नहीं माना, तो शिवम ने लोकेश की हत्या करने की योजना बनाई।
प्लान के तहत शिवम एक जनवरी को लोकेश को पार्टी के बहाने चौसरा गांव ले गया। वहां पार्टी करने के बाद लोकेश को गेहूं के खेत में ले जाकर गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या करने के लिए तमंचा शिवम अपने दोस्त मोहल्ला दुर्गाप्रसाद निवासी कुनाल शर्मा से लाया था। घटनास्थल तक लोकेश को लाने में राजकमल भी मददगार बना। राजकमल और शिवम को गिरफ्तार कर पुलिस ने शनिवार को चालान कर दिया है। जबकि कुनाल अभी फरार है।