अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश दुबे ने जानलेवा हमले के आरोपी तीन सगे भाइयों को दोषी पाकर दस वर्ष कैद व प्रत्येक पर 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
थाना अमरिया के गांव बगनेरी बगनेरा निवासी पप्पू ने दो अक्तूबर 2002 को रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार उसके पिता भीमसेन का जमीन का मुकदमा गांव के ही खेमकरण लाल से चल रहा है। इसी कारण खेमकरण लाल के पुत्र पूरन लाल, मदन लाल, गोविंदराम रंजिश मानते हैं। रात करीब नौ बजे वह अपने पिता व भाई मोहन स्वरूप के साथ आ रहा था। रास्ते में पूरनलाल, मदनलाल व गोविंदराम ने पिता भीमसेन के पीठ पर तमंचे से गोली मार दी। पुलिस ने विवेचना में नामजद तीनों आरोपियों को निर्दोष पाया और पीड़ित पक्ष टीकाराम व वादी पप्पू को ही दोषी पाते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान घायल भीमसेन ने अपने बयानों में मदन लाल, गोविंदराम व पूरनलाल द्वारा घटना करने की बात कही। राज्य सरकार की अर्जी पर अदालत ने इन तीनों आरोपियों को तलब किया। मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश दुबे ने गोविंदराम, मदनलाल व पूरनलाल तीनों सगे भाइयों को दोषी पाकर दस वर्ष कैद व प्रत्येक को 10-10 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। पुलिस ने जिन दो आरोपियों पप्पू व टीकाराम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत ने उन्हें निर्दोष पाकर दोषमुक्त कर दिया।