बीसलपुर। बरखड़ी गांव में 17 अगस्त को प्रधानी के चुनाव की रंजिश में पूर्व प्रधान कृष्णपाल पर बांके से हमला हुआ था। हमले का आरोप एक वकील पर है। मंगलवार देर रात कृष्णपाल ने बरेली के निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। मौत की खबर गांव पहुंची परिजनों में गुस्सा फैल गया। सतर्कता बरतते हुए गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है। बरेली में पोस्टमार्टम के बाद देर शाम शव बरखड़ी गांव पहुंचा। पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार हुआ।
बरखड़ी गांव निवासी कृष्णपाल 2016 में प्रधान चुने गए थे। उनके पड़ोस में रहने वाले अधिवक्ता ओमपाल का समर्थित प्रत्याशी चुनाव हार गया था। तभी से दोनों पक्षों में रंजिश चल रही थी। वर्ष 2021 के चुनाव में प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया। इस कारण दोनों पक्ष चुनाव नहीं लड़ सके। लेकिन इस बार चुनाव में ओमपाल पक्ष की प्रत्याशी जीत गईं। इसके बाद दोनों पक्षों में आए दिन झगड़े होते रहने लगे।
17 अगस्त को दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। जमकर लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले। इस खूनी संघर्ष में पूर्व प्रधान कृष्णपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि अधिवक्ता ओमपाल व उनके पुत्र दिनेश, भतीजे विजय और हरिपाल ने बांके व लाठी-डंडों से कृष्णपाल को जमकर पीटा। हालत गंभीर होने पर कृष्णपाल को बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। 23 अगस्त की रात उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
बीसलपुर थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की तरफ से रिपोर्ट दर्ज की थी। कृष्णपाल की ओर से उनके भाई जसपाल सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें वकील ओमपाल, हरपाल, दिनेश कुमार, विजय कु़मार के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जबकि ओमपाल की बहन बेलावली ने पूर्व प्रधान कृष्णपाल, बृजनंदन, यशपाल, प्रमोद कुमार, प्रेमपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
घटना वाले दिन पुलिस ने वकील ओमपाल और दूसरे पक्ष के प्रमोद कुमार, प्रेमपाल को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था। ओमपाल जानलेवा हमले के आरोप में अभी जेल में है। वह बीसलपुर तहसील में वकालत करते हैं। उनकी गिरफ्तारी पर अधिवक्ताओं ने बीसलपुर कोतवाली में धरना भी दिया था। इधर, देर रात एसपी ने नरेश त्यागी को बीसलपुर से हटाकर शहर कोतवाली का चार्ज दे दिया।
कृष्णपाल की मौत की सूचना मिलते ही पूर्व प्रधान के समर्थकों में आक्रोश फैल गया। उनके घर पर परिजन व अन्य लोग इकट्ठा हो गए। गांव में माहौल न बिगड़े इसके लिए कोतवाली से एक दरोगा व कुछ सिपाहियों को गांव भेज दिया गया। दरोगा विपिन राठी आरोपियों के घर के पास दिनभर बैठे रहे।
बोले परिजन- दबाव में गिरफ्तारी नहीं कर रही पुलिस
कृष्णपाल पर हमला करने के मामले में वकील ओमपाल के अलावा उनके पुत्र दिनेश, भतीजा विजय व एक अन्य हरिपाल नामजद हैं। एक सप्ताह बाद भी पुलिस ने सिर्फ वकील के अलावा किसी को गिरफ्तार नहीं किया। कृष्णपाल पक्ष के लोगों का कहना है कि दबाव में पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर रही है। पूर्व प्रधान की मौत के बाद उनकी पत्नी जगदेई, पुत्र मोहर सिंह, दीप सिंह, पुत्री दीप्ति, मोरकली, भाई ब्रजनंदन प्रसाद, और जसपाल का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। परिवार वालों का कहना है कि पुलिस ने अभी एक ही आरोपी को पकड़ा है।
आरोपियों पर लगेगी गैर इरादतन हत्या की धारा
पूर्व प्रधान की मौत के बाद वकील ओमपाल समेत चारों आरोपियों पर गैर इरादतन हत्या की धारा 304 लगाई जाएगी। सीओ बीसलपुर मनोज कुमार यादव ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले की धारा 307, 323, 324, 504 में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद गैरइरादतन हत्या की धारा 304 भी बढ़ा दी जाएगी। फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
बीसलपुर के गांव बरखड़ी में रोते बिलखते मृतक के परिजन। संवाद- फोटो : PILIBHIT