बीसलपुर (पीलीभीत)। मोहल्ला शास्त्रीनगर निवासी धाराजीत की मौत बीमारी के कारण हुई थी, जबकि उनकी पत्नी ने हत्या का आरोप लगाया था। सोमवार रात को पोस्टमार्टम के बाद शव जब घर पहुंचा तो अंतिम संस्कार को लेकर पत्नी व बेटी पुलिस से भी भिड़ गईं। पुलिस रात में ही शव का अंतिम संस्कार कराना चाह रही थी। ऐसे में बेटी ने धमकी दी कि अगर उसके पिता के शव का रात में अंतिम संस्कार किया गया तो वह शव के साथ खुद को जला लेगी। ऐसेे में पुलिस पीछे हट गई। मंगलवार को शव का अंतिम संस्कार हुआ।
धाराजीत गुप्ता और उनकी पत्नी बसंती गुप्ता में पिछले तीन दशक से न्यायालय में मुकदमा चल रहा था। बसंती गुप्ता मोहल्ला बाजार कटरा स्थित अपने मायके में रह रही थी। उनकी पुत्री शिवांगी दिल्ली की एक कंपनी में इंजीनियर है। 22 जनवरी को धाराजीत का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। सूचना मिलते ही पत्नी बसंती ससुराल आ गई और कहने लगी कि जब तक पति के हिस्से की संपत्ति नहीं मिल जाती शव का अंतिम संस्कार नहीं करने देगी।
दिन भर हंगामे के चलते 22 जनवरी को शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका। ससुराल वालों ने जब 23 जनवरी को शव का अंतिम संस्कार करने का प्रयास किया तो बसंती ने कोतवाली में तहरीर देकर अपने पति की मौत को अस्वाभाविक बताते हुए पोस्टमार्टम कराने की मांग की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसी बीच उनकी पुत्री शिवांगी भी दिल्ली से आ गई।
सोमवार शाम 7:30 बजे पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव घर वालों को सौंप दिया। बसंती और शिवांगी शव लेकर धाराजीत के घर पहुंचे। धाराजीत के घर वालों ने शव लेने से इन्कार कर दिया। उसके बाद बसंती और शिवांगी शव अपने घर ले जाने लगे। पुलिस ने कहा कि शव श्मशान भूमि जाएगा। इसके बाद पुलिस शव रंपुरा रोड स्थित श्मशान भूमि ले आई। यहां दोनों पक्षों के लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने रात में ही शव का अंतिम संस्कार कराने पर जोर दिया।
शिवांगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनके पिता के शव का रात में अंतिम संस्कार किया गया तो वह शव के साथ ही जल जाएगी। शिवांगी की इस चेतावनी पर रात में शव का अंतिम संस्कार किए जाने का मामला टल गया। मंगलवार को सुबह आठ बजे शव का अंतिम संस्कार किया गया। शव को मुखाग्नि शिवांगी ने दी। इधर कोतवाल प्रवीण कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धाराजीत के बीमारी से मरने की पुष्टि हुई है।