पीलीभीत में रुपये के लेनदेन के विवाद में रेलवे गेटमैन की गला काटकर हत्या करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने शव घर के अंदर आंगन में गड्ढा खोदकर दबा दिया।
पीलीभीत के गांव भमौरा निवासी तीन सगे भाइयों और उनकी पत्नियों ने 36 हजार रुपये के लेनदेन के विवाद में तीन अक्तूबर को जिला औरैया के मूल निवासी गेटमैन कमलेश यादव (32) की धारदार हथियार से हत्या कर दी। शव घर के अंदर आंगन में गड्ढा खोदकर दबा दिया। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लेकर सख्ती दिखाई तो पूरे मामला का खुलासा हो गया।
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निशानदेही पर बुधवार को शव बरामद कर लिया गया। छह लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दो की तलाश की जा रही है। टनकपुर रेलखंड के न्यूरिया थाना क्षेत्र में बिथरा के पास गेट संख्या 08 सी पर औरैया के थाना अहिरवा कटरा के गांव सिलबट का मूल निवासी कमलेश कुमार तैनात था।
तीन अक्तूबर की शाम छह बजे ड्यूटी खत्म होने के बाद पत्नी पूनम यादव से न्यूरिया जाने की जानकारी देकर निकला था। इसके बाद उसका फोन ऑफ हो गया। जब पति के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली तो पत्नी ने चार अक्तूबर को गांव भमौरा के दीनदयाल पर शक जताते हुए थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने उसी दिन दीनदयाल को हिरासत में लिया और उससे सख्ती से पूछताछ की, जिससे पूरे मामले का खुलासा हो गया।
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दीनदयाल ने पुलिस ने को बताया कि कमलेश के ऊपर 36 हजार रुपये उधार थे। मांगने पर वह टाल मटोल कर रहा था। तीन अक्तूबर को वह उसे अपने घर ले गया। जहां उसे शराब पिलाई। इसी दौरान रुपये मांगने पर उसका कमलेश से विवाद हो गया। जिस पर उसने दो अन्य भाइयों और पत्नियों की मदद से उसकी गला काटकर हत्या करने के बाद शव आंगन में गड्ढा खोदकर दबा दिया। पुलिस ने निशानदेही पर बुुधवार तड़के गड्ढे से शव बरामद कर लिया। बाद में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिवार को सौंप दिया।
रुपयों के लेनदेन के विवाद में रेलकर्मी की हत्या की गई। न्यूरिया पुलिस के अलावा सर्विलांस और एसओजी को घटना के खुलासे के लिए लगाया गया। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दो भागे हुए है। उन्हें भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
- दिनेश कुमार पी, एसपी पीलीभीत
साजिश रचकर मारा और झूठ बोलता रहा, सख्ती पर कुबूला
रेलवे के गेटमैन कमलेश की हत्या का मुख्य आरोपी दीन दयाल साजिश रचकर उसे घर ले आया और शराब पिलाकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद आराम से घूमता रहा। पुलिस की पूछताछ में भी पहले अनजान बना रहा। लेकिन उसके घर वालों से बातचीत में विरोधाभासी बयान सामने आए। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई तो उसने जुर्म कुबूल लिया।
कमलेश के सरकारी आवास से आरोपियों के घर की दूरी एक किलोमीटर है। रास्ते में टनकपुर हाईवे का बिथरा स्टैंड है। कमलेश तीन अक्तूबर को साढ़े छह बजे स्टैंड पर पहुंचा तो उसके साथ न्यूरिया जाने के लिए दीन दयाल भी उसकी बाइक पर बैठा था। इसके बाद कई चक्कर लोगों ने बाइक से स्टैंड के पास लगाते देखा। साढ़े सात बजे अंतिम बार कमलेश की अपनी पत्नी से बात हुई।
पूरी रात तलाश करने के बाद जब पत्नी बिथरा स्टैंड पहुंची। वहां एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि सोमवार शाम साढ़े छह बजे कमलेश को दीन दयाल के साथ देखा था। इसके बाद पत्नी के साथ कमलेश के परिवार वाले दीन दयाल के घर पहुंचे। दीन दयाल के बारे में पूछा तो बताया कि वह सामने जानवर चरा रहा है।
दीन दयाल से बात की उसने बताया कि शाम साढ़े सात बजे उसके साथ बीयर पी और इसके बाद नहीं पता। परिवार वालों ने उसे थाने चलने को कहा तो वह उनके साथ न्यूरिया थाने भी गया। पुलिस को भी उसने यही बताया। पुलिस जब दीन दयाल के घर पहुंची तो उसकी पत्नी ने बताया पति पंजाब में मजदूरी करने गया है। यहीं पुलिस को शक हो गया। मंगलवार की रात कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने घटना कबूल कर ली।
आरोपी दीनदयाल ने टनकपुर हाईवे से पचास कदम की दूरी पर कमलेश को लेकर घर में शराब पिलाई। इसके बाद जब वह नशे में धुत हो गया तभी रुपयों को लेकर विवाद कर शुरू कर दिया। इसके बाद बेरहमी से धारदार हथियार से उस पर वार कर दिया। गर्दन, गाल, एक कान और सिर के पीछे निशान है। इसके बाद घर के आंगन में एक हिस्से में चार-पांच फुट गहरा गड्ढा खोदकर शव को दबा दिया।
पुलिस के अनुसार शव जल्दी गलाने के चक्कर में शव से कपड़े उतार दिए। सिर्फ बनियान और अंडरवियर ही रहने दिया। इसके बाद सभी निश्चिंत होकर सो गए और सुबह उठकर सभी अपने-अपने काम पर लग गए। संवाद