पीलीभीत। गांव तकिया निवासी चुन्नी लाल और गांव रसूला निवासी कांता प्रसाद से आयुर्वेदिक कॉलेज में चपरासी की नौकरी लगवाने के नाम पर चार लाख रुपये ठग लिए गए। फर्जी नियुक्ति पत्र से मामले का खुलासा हुआ। ठगी के शिकार चुन्नी लाल ने दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गजरौला थाना क्षेत्र के गांव तकिया निवासी चुन्नी लाल ने सुनगढ़ी पुलिस को तहरीर देकर कहा कि वह बेरोजगार हैं। लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रहा है। इसी दौरान उसकी थाना जहानाबाद क्षेत्र के गांव जटपुरा निवासी रमेश चंद्र, जगदीश प्रसाद से जान पहचान हो गई। इन लोगों ने ही न्यूरिया क्षेत्र के गांव रसूलपुर निवासी कांता प्रसाद से मिलवाया। आरोप है कि दोनों ने उसकी और कांता प्रसाद की राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में चपरासी के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर चार लाख रुपये की मांग की। इस पर दोनों लोगों ने आरोपियों को पांच मई 2018 को सुनगढ़ी क्षेत्र के गांव गुटैया निवासी डालचंद के घर पर रुपये दे दिए। आरोपियों ने उन दोनों को नियुक्ति पत्र भी दे दिए। जब कॉलेज में जाकर जानकारी की तो पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी हैं। इससे दोनों की नौकरी नहीं लग सकी। जानकारी होने पर दोनों लोगों ने आरोपियों से रुपये मांगे तो उन्होंने टाल मटोल शुरू कर दी। 10 अगस्त 2022 को आरोपियों ने रुपये वापस करने का आश्वासन दिया। इसके बाद भी रुपये वापस नहीं किए। आरोपियों ने गाली गलौज और मारपीट करने के साथ जान से मारने की धमकी भी दी।
इंस्पेक्टर मदन मोहन चतुर्वेदी ने बताया कि रमेेश चंद्र और जगदीश के खिलाफ रिपोट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।