पीलीभीत। हरीश हत्याकांड की जांच सुगनढ़ी इंस्पेक्टर मदन मोहन चतुर्वेदी से हटाकर बीसलपुर इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार को दे दी गई है। परिजनों की मांग पर जांच अधिकारी को बदला गया है। परिजन पहले ही सुनगढ़ी इंस्पेक्टर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा चुुके थे। एसपी ने इस मामले में इंस्पेक्टर के खिलाफ जांच भी बैठा दी है।
बीसलपुर के गांव सावेपुर निवासी मेडिकल स्टोर स्वामी हरीश गंगवार (45) छह सितंबर को पीलीभीत के असम रोड चौराहे से रहस्यमय ढंग से लापता हो गए थे। दस सितंबर को बरेली के भुता थानाक्षेत्र में गांव अटकोना में नहर के पास उनका क्षत-विक्षत शव मिला था। सुनगढ़ी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हरीश के परिवार वालों ने 11 सितंबर को बीसलपुर के 12 पत्थर चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया था। सुनगढ़ी इंस्पेक्टर ने मुकदमे को गुमशुदगी से हत्या में तरमीम कर दिया था। जांच में जुटे थे लेकिन कातिलों का कोई सुराग नहीं लग पा रहा था। परिवार वाले सुनगढ़ी इंस्पेक्टर की जांच से संतुष्ट नहीं थे। उनकी मांग पर एसपी ने जांच सुनगढ़ी से हटाकर बीसलपुर इंस्पेक्टर को दे दी। हत्या के खुलासे के लिए एसपी ने एसओजी को भी लगा रखा है।