पीलीभीत। दहेज हत्या के आरोपों का सामना कर रहे पति, सास और ससुर को जिला एवं सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) रविंद्र कुमार ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
अभियोजन के मुताबिक वादिनी जीवनकली ने अपने जीवनकाल में 18 अप्रैल 2017 को पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि 10 माह पूर्व उसका विवाह थाना माधोटांडा क्षेत्र के गोपाल पुत्र गजोधर से हुआ था। पति गोपाल, ससुर गजोधर और सास शांति देवी शादी में मिले दान दहेज से संतुष्ट नहीं थे और दहेज के लिए उसके साथ मारपीट की जाती थी। 23 जुलाई 2018 को उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना की। बाद में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हुआ। दोनों पक्षों की ओर के तर्कों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।