पीलीभीत। किशोरी को अगवा कर शादी करने और फिर किशोरी के गायब हो जाने के मामले में कोर्ट ने छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अर्चना गुप्ता ने थाना सुनगढ़ी प्रभारी को दिए आदेश में मुख्य आरोपी सहित छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने को कहा है। मामला एक साल पुराना है।
सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के एक गांव के एक युवक ने न्यायालय में प्रार्थना-पत्र देकर कहा कि आरोपी वीरपाल एक साल पहले अपने भाई प्रेमपाल, बहन सोमवती, मां कंचन देवी व पिता नत्थूलाल के सहयोग से उसकी 16 वर्षीय बेटी को अगवा कर ले गया था। किशोरी के पिता ने थाने से लेकर पुलिस अधीक्षक तक से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच प्रधान के पति रिंकू शर्मा ने किशोरी का वीरपाल से विवाह करा दिया।
किशोरी के पिता ने विरोध किया तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो किशोरी के पिता ने कोर्ट में अर्जी दी। कहा, चार माह से उसकी बेटी गायब है। उसे संदेह है कि आरोपियों ने उसकी बेटी की हत्या कर दी है। प्रार्थना पत्र का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। पैरवी अधिवक्ता देवेंद्र वर्मा ने की।