पीलीभीत। जांच में दूध का नमूना अधोमानक पाए जाने पर अदालत ने दूध विक्रेता को पांच हजार रुपए जुर्माना समेत एक साल की सजा सुनाई।
अभियोजन के मुताबिक खाद्य निरीक्षक बलवंत सिंह ने थाना सुनगढ़ी के पास साइकिल पर दूध बेच रहे दूधिए थाना सुनगढ़ी के गांव बेहरी निवासी हेमराज पुत्र रामस्वरूप को रोक कर 27 जुलाई 2007 को दूध बेचने का लाइसेंस मांगा। वह लाइसेंस नहीं दिखा सका। दूध में मिलावट का शक होने पर सेंपल लेकर औपचारिकताएं पूरी करते हुए जांच के लिए भेज दिया। जांच रिपोर्ट आने पर पता चला कि दूध अधोमानक पाया गया। इस पर खाद्य निरीक्षक ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुंदर लाल के न्यायालय में परिवाद दायर किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पत्रावली का अवलोकन करने और दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।