पीलीभीत। अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश छांगुर राम ने नाबालिग को बहलाकर भगा ले जाने का आरोप सिद्ध न होने पर आरोपी को बरी कर दिया।
अभियोजन के मुताबिक थाना पूरनपुर के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि गांव निवासी विक्रम पुत्र कुंवरसेन 10 फरवरी 2021 को रात करीब एक बजे उसकी पुत्री को बहलाकर घर से भगा ले गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरु की। किशोरी को पुलिस ने बरामद कर अदालत के समक्ष पेश किया। उसने अपने बयान में कहा कि विक्रम ने उसे कोई नशीला पदार्थ सुंघा कर बेहोश कर दिया। फिर उसी हालत में घर से ले गया और किसी घर में दो दिन तक रखा। दो दिन बाद कहीं और से जाने के इरादे से फिर नशा सुंघाया और साथ ले जाने लगा तभी रास्ते में पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। विवेचक ने अदालत में रिपोर्ट पेश की। अदालत ने पत्रावली का अवलोकन किया और दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में नाकाम रहा। अदालत ने उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।