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कहीं जानवरों को भी चपेट में न ले ले कोरोना, एनटीसीए ने जारी की एडवाइजरी

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पीलीभीत। अमेरिका के न्यूयॉर्क के ब्रोन्क्स चिड़ियाघर में एक बाघिन कोरोना से संक्रमित पाई गई है। यह खबर पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पहुंचने के बाद टाइगर रिजर्व के आला अफसर भी हरकत में आ गए। टाइगर रिजर्व के अफसरों ने विभागीय कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए अपनी रेंज क्षेत्र में बिल्ली प्रजाति की टाइगर, तेंदुआ, गुलदार सहित वन्य जीवों के आबादी इलाके में जाने पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कोई भी सूचना प्राप्त होने पर मुख्यालय तुरंत अवगत कराने को कहा गया है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वर्तमान समय में 65 से ज्यादा बाघ हैं। इसी के साथ तेंदुओं की संख्या में भी पहले से वृद्धि हुई है। जंगल का वातावरण वन्यजीवों के लिए काफी मुफीद है। अमेरिका के न्यूयॉर्क के एक चिड़ियाघर में बाघिन के अंदर कोरोना वायरस की पुष्टि से मौत के बाद दुनिया भर के जंगलों में एडवाइजरी जारी की गई है इसी के चलते केंद्र सरकार और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के डॉ वैभव सी माथुर सहायक महानिरीक्षक वन ने भी एडवाइज जारी की है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि देश भर में टाइगर और लेपर्ड को रेस्क्यू करने वाली टीम एवं मृतक टाइगर तेंदुआ की पोस्टमार्टम करने वाली टीम सतर्क रहे। विश्व में इस तरह का पहला केस सामने आया है। इसमे बाघिन में कोरोना वायरस पाया गया है। इस घटना को ध्यान में रखते हुए देश भर के कोई भी वन कर्मचारी एवं वन्यजीव चिकित्सक अपने आप को स्वस्थ रखने के लिए कोरोना की कभी भी अपनी जांच करा सकते हैं। टाइगर रिजर्व टाइगर में हैं 65 बाघ पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वर्ष 2001 से वन्यजीवों की गणना शुरू की गई। वर्ष 2001 से 2007 तक पगमार्क के आधार पर टाइगर की संख्या 26 से 36 रही। जबकि 2010 से डब्ल्यूडब्ल्यूएफ द्वारा सेंसर कैमरा से बाघों की गणना हुई। वर्ष 2010 से लगातार बाघों की संख्या में इजाफा होता रहा है वर्तमान में टाइगर रिजर्व में 65 से अधिक बाघ पाए जाते हैं। इसके अलावा 2019-20 की गणना के हिसाब से तेंदुए 25,भालू 119, हिरण प्रजाति 5800, पाड़ा 720, नीलगाय 5400, गिद्ध 320, सहित कई अन्य वन्यजीव है। न्यूयॉर्क के चिड़ियाघर में एक बाघिन कोरोना से संक्रमित पायी गयी है। इसकी सूचना केन्द्र सरकार और एनटीसी द्वारा प्राप्त हुई है। आदेश का पूरी तरह पालन किया जाएगा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एक टीम का गठन किया जाएगा। यह टीम बिल्ली प्रजाति पर खासतौर से टाइगर और लेपर्ड पर नजर रखेंगे। फिलहाल जंगल के आस-पास रहने वाले ग्रामीणों से अपील है कि अगर जंगल के बाहर कोई भी टाइगर या लेपर्ड दिखे तो तत्काल इसकी जानकारी वन विभाग तक पहुंचाएं। - डॉ एच राजा मोहन, फील्ड डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व
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