वेंटिलेटर पर थी युवती, डाॅक्टर ने कहा-लिख कर दो और मरीज को ले जाओ
संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। स्टेडियम रोड स्थित स्वास्तिक अस्पताल से मरीज ले जाने को लेकर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों को आरोप था कि अस्पताल वाले मरीज की छुट्टी नहीं कर रहे हैं। हंगामा होने पर पुलिस पहुंच गई। सुनगढ़ी पुलिस का रवैया ठीक न देख परिजन एसपी आवास पहुंच गए। बाद में सीओ सिटी ने अस्पताल पहुंचकर विवाद शांत कराया। अस्पताल से मरीज की छुट्टी दे दी गई। इस संबंध में अस्पताल संचालक का कहना है कि तीमारदारों से मरीज लेजाने के लिए लिखकर देने के लिए कहा जा रहा था पर वह नहीं मान रहे थे।
थाना न्यूरिया क्षेत्र के गांव बल्देवपुर निवासी अक्षय राजपूत ने बताया कि उनकी बहन ओमश्री (25) शहर के मोहल्ला नई बस्ती में किराये पर रहती है। उसके साथ उसकी छोटी बहन सरस्वती भी रहती है। ओमश्री शहर के स्टेशन रोड स्थित एक ब्यूटी पार्लर में काम करती है। अक्षय ने बताया कि छोटी बहन घर गई हुई थी। इसी दौरान 17 मई को गांव की ही लड़की कमलेश ने बताया कि ओमश्री का एक्सीडेंट हो गया है। इसके बाद परिजन उसे अस्पतालों में ढूंढते हुए शहर के एक अस्पताल में पहुंचे।
अक्षय का कहना था कि अस्पताल में डॉक्टरों ने कई सही जानकारी नहीं दी। जिस कारण उन्होंने मरीज को अन्य जगह पर भर्ती कराने की इच्छा जताई। इस अस्पताल स्टॉफ ने परिजनों से कहा कि मरीज वेंटिलेटर पर है। वह लिखकर दें इसके बाद ही मरीज की छुट्टी की जाएगी। परिवार वालों ने लिखकर देने से इन्कार कर दिया। जिस पर डाॅक्टर ने मरीज की छुट्टी करने से इन्कार कर दिया। ऐसे में परिवार वालों ने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची सुनगढ़ी पुलिस काफी देर तक समझाने का प्रयास करती रही, लेकिन परिजन नहीं माने।
इसके बाद परिजन एसपी अतुल शर्मा के आवास पर जा पहुंचे। जिसके बाद सीओ सिटी अंशु जैन अस्पताल पहुंची। दोनों पक्षों से बातचीत की। डाॅक्टर के मरीज की छुट्टी करने पर राजी होने पर विवाद निपटा।
मरीज वेंटीलेटर पर है। परिजन उसे कहीं दूसरी जगह ले जाना चाह रहे थे। हमने कहा-लिखकर दे दो, ताकि छुट्टी के बाद हालत बिगड़े तो अस्पताल पर आरोप न लगे। परिजन इसके लिए तैयार नहीं हो रहे थे। इसी बात पर हंगामा करने लगे।
- अंकुर गुप्ता, अस्पताल संचालक