सर्दियां शुरू होते ही टाइगर रिजर्व एवं इसके बाहर बने डैम, तालाब एवं नदी पोखरों में विदेशी पक्षियों का कलरव पर्यटकों को आकर्षित करने लगता है। पिछले दस सालों के आंकड़ों पर गौर करें तो इन मेहमानों की संख्या में भारी गिरावट आई है, हालांकि इस साल अपेक्षाकृत पक्षियों की संख्या बढ़ी है। तराई के इस जनपद में नदी, नहर झीलों के साथ डैम और कई तालाब हैं। सर्दियां शुरू होते ही इन जलीय स्थानों पर विदेशी पक्षियों का जमावड़ा होने लगता है। सितंबर से मार्च तक लगभग चार-पांच माह विदेश पक्षी यहां रहने के बाद लौटने लगते हैं लेकिन इनमें से अधिकांश शिकारियों की भेंट चढ़ जाते हैं। पक्षियों एवं वन्यजीवों पर काम करने वाली संस्था टरक्वाइज वाइल्ड लाइफ कंजर्वेेशन सोसाइटी पिछले 10 सालों से पक्षियों का अध्ययन और गणना कर रही है। संस्था अध्यक्ष अख्तर मियां के अनुसार विदेशी पक्षियों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। वर्ष 2006 में जिले में 32 हजार पक्षियों का आगमन दर्ज किया गया था जो वर्ष 2015-16 में घटकर मात्र 5368 रह गया। हालांकि इस वर्ष इनकी संख्या गत वर्ष की अपेक्षा दो गुने से अधिक 13318 हो गई है।